सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोहाघाट में जल संस्थान के अभियंता का घेराव करते ग्रामीण।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट के नजदीक सुंई गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है। शनिवार को नाराज ग्रामीणों ने जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता का घेराव कर पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है। शीघ्र पेयजल समस्या का समाधान न होने पर लॉकडाउन के बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश पांडेय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शनिवार को जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट का घेराव किया। कहा कि गांव के लिए चार दशक पूर्व सुंई लिफ्ट योजना बनाई थी, जिससे सुंई पऊ और चनकांडे गांव को जोड़ा गया था। मगर बीते काफी वक्त से लोगों को नाम मात्र का पानी मिल रहा है। था। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से डेढ़ हजार ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन में कीचड़ भरने, पंपिंग न होने, तो कभी लाइट न होने की बात कहकर जल संस्थान पल्ला झाड़ लेता है। नाराज ग्रामीणों ने अभियंता का घेराव करने के साथ विधायक पूरन सिंह फर्त्याल को मौके से ही हालात की जानकारी देकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई। विधायक ने शीघ्र समस्या का समाधान करने के जेई को निर्देश दिए। घेराव करने वालों में मोहन सक्टा, प्रकाश पांडेय, केशव चनकन्याल, दयाकिशन, गिरीश पांडेय, सतीश चनकन्याल, ईश्वरी दत्त चनकन्याल, कमल सक्टा आदि शामिल थे।
::: कोट :: योजना में एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। ४० साल पुरानी इस योजना में कनेक्शन ज्यादा है। बारिश के बाद नदी का पानी मैला होने के कारण एक दिन पंप बंद करना पड़ता है। जिससे रोटेशन बिगड़ जाता है। लोगों को पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। पवन बिष्ट, अपर सहायक अभियंता, लोहाघाट।