यूपीसीएल की ओर से यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स की बिजली काटने से यूपी सिंचाई विभाग भड़क उठा है। विभाग ने लोहियाहेड पावर हाउस प्रशासन को 29 मार्च से कम पानी देने की चेतावनी दी है। बता दें कि कम पानी देने से लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली का उत्पादन ठप हो जाएगा।
बीते सोमवार को यूपीसीएल की ओर से यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स की बिजली काटे जाने से यूपी सिंचाई विभाग नाराज है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि मंगलवार को लोहियाहेड स्थित शारदा विद्युत गृह प्रशासन को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा कि यूपी सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार 29 मार्च से लोहियाहेड पावर हाउस के अपस्ट्रीम में (किमी 12.640) स्थित बाईपास से चैनल हेड के माध्यम से 4000 क्यूसेक पानी शारदा मुख्य नहर के डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जाएगा।
वर्तमान में शारदा नहर में करीब साढ़े पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 29 मार्च से चार हजार क्यूसेक पानी बाईपास से शारदा नहर में छोड़ने से लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली बननी बंद हो जाएगी।
यूपीसीएल की ओर से बिजली उपभोग का करीब 6 करोड़ 38 लाख 42 हजार का भुगतान लंबित होने पर यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स कालोनी परिसर की बिजली काट दी गई थी। इससे कॉलोनी परिसर, कार्यालयों, निरीक्षण भवनों समेत पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में रात के समय अंधकार पसरने के साथ ही पेयजल संकट भी पैदा हो गया।
इससे पूर्व पिछले वर्ष 29 दिसंबर को साढ़े छह करोड़ का बकाया होने के चलते बैराज की बिजली काटी गई थी। यूपीसीएल के एसडीओ सोएब रजा के मुताबिक शारदा हेडवर्क्स पर करीब साढ़े तेरह करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। जबकि यूपी सिंचाई विभाग लोहियाहेड पावर हाउस को दिए जाने वाले पानी के एवज का करीब 65 करोड़ का बकाया बताता है।
लोहियाहेड में तैयार होती है 39 मेगावाट बिजली
बनबसा (चंपावत)। यूपी सिंचाई विभाग ने लोहियाहेड पावर हाउस का पानी कम किया तो विद्युत गृह में बिजली बननी बंद हो जाएगी। बता दें कि 39 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाले लोहियाहेड में इन दिनों साढ़े पांच हजार क्यूसेक पानी मिलने से करीब 12 से 13 मेगावाट बिजली तैयार हो रही है। शारदा हेडवर्क्स के बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों शारदा नदी में 5971 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है जिसमें से करीब 5800 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। ब्यूरो