चंपावत। एडीएम जयवर्धन शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में मानसून सत्र से पूर्व आपदा प्रबंधन की तैयारियों के लिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। एडीएम ने कहा कि संभावित भूस्खलन, बाढ़, नदी कटाव, सड़क अवरोध और अन्य आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का तत्काल चिह्नीकरण किया जाए। चिह्नित डेंजर जोन पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील रखें। साथ ही उनमें पर्याप्त जनशक्ति एवं संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के उद्देश्य से पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) कराएं। सभी जेसीबी मशीन ऑपरेटरों की सूची और उनकी वर्तमान तैनाती की स्थिति अद्यतन रखी जाए। पिछले वर्षों के सड़क अवरोध (रोड ब्लॉकेज) के आधार पर संवेदनशील स्थानों पर मशीनें तैनात की जाएं।
एडीएम ने निर्देश दिए कि एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त राहत और बचाव की रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाएं, मेडिकल टीमें और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय रहते की गई तैयारी और विभागीय समन्वय ही आपदा प्रबंधन को प्रभावी बना सकता है। बैठक में सीएमओ डॉ. देवेश चौहान, सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट, सीवीओ डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, ईई लोनिवि एमसी पलड़िया, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे। संवाद