मंच (चंपावत)। तल्लादेश क्षेत्र में बस सेवा नहीं हो पाई है। ऐसे में 25 हजार से अधिक की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 10 वर्ष पहले तक बस सेवा संचालित होती थी। तब बस सेवा क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती थी लेकिन इसके ठप होने से अब छात्रों, मरीजों और कामकाजी लोगों के लिए जिला मुख्यालय तक आना आसान नहीं होता है।
जिले के तल्लादेश क्षेत्र में एक समय नियमित बस सेवा लोगों की जीवनरेखा हुआ करती थी लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह सेवा पूरी तरह बंद पड़ी है। वर्ष 2015-16 के दौरान तामली से सुबह टनकपुर तक बस संचालित होती थी। सुबह टनकपुर से तामली के लिए दूसरी बस सेवा भी उपलब्ध थी।
इस व्यवस्था से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलती थी, खासकर छात्रों, मरीजों और कामकाजी लोगों को इसका सीधा लाभ मिलता था। 10 वर्ष पहले यहां सेवा बंद हो गई इसके बाद से आज तक क्षेत्र के लोग परिवहन की समुचित सुविधा से वंचित हैं। वर्तमान में लोगों को निजी वाहनों या महंगे किराए के साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
बस सेवा शुरू होती तो क्षेत्र के विकास को भी मिलती गति
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंच, दुबड़ जैनल, गुरुखोली, नीड, हरम, रमैला, बकोड़ा, सौराई सहित कई गांव हैं। यदि फिर से बस सेवा शुरू होती है तो इससे क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी और लोगों को सस्ती व सुलभ यात्रा का विकल्प भी मिलेगा। विशेष रूप से बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के लिए बस सेवा वरदान होगी। कहा कि शासन प्रशासन इस दिशा में पहल करता है तो यहां के बुजुर्गों के लिए निशुल्क और रियायती यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्हें अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में राहत मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सीमांत तल्लादेश क्षेत्र में फिर से बस सेवा शुरू करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके और उनका जीवन सुगम बन सके।