चंपावत। जिले के बेलखेत गांव में एक वर्ष बीतने के बाद भी बाढ़ सुरक्षात्मक और झूलापुल पुल का कार्य शुरू नहीं हो सका है। मानसून निकट है, ऐसे में लोगों को डर सताने लगा है। पिछली वर्ष जुलाई में मानसून की बारिश ने बेलखेत गांव में भारी तबाही मचा दी थी। गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला झूलापुल बह गया था।
जिला मुख्यालय से 34 किमी दूर बेलखेत गांव में झूलापुल बहने के बाद लोगों का संपर्क मुख्यालय से कट गया था। आवाजाही के लिए ट्रॉली निर्माण कार्य किया गया, लेकिन एक वर्ष का समय बीतने के बाद भी बेलखेत गांव के लिए बाढ़ सुरक्षा और झूला पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीण दशरथ सिंह बोहरा, रवि बोहरा, शोभन सिंह, शेर सिंह, मनोहर सिंह, मोहन सिंह, नवीन सिंह ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा और झूला पुल कार्य शुरू नहीं होने से इस बार मानसून से पहले ही उन्हें डर सताने लगा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कोइराला नदी का रुख सीधा गांव की ओर बढ़ रहा है। उन्हाेंने जल्द से जल्द सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है। मानूसन सीजन में बेलखेत गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पाते हैं। नदी का पानी अधिक होने से किसी अनहोनी का खतरा रहता है।
कोट- झूलापुल की डीपीआर तैयार की जा रही है। टेस्टिंग सहित अन्य काम पूरे कर लिए गए हैं। प्रस्ताव पूरा होने शासन को भेजा जाएगा।- एमसी पलड़िया, ईई, लोक निर्माण विभाग, चंपावत