बारहमासी सड़क में बाल मजदूरों से कराई जा रही है मजदूरी
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जिले में टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क निर्माण में बाल मजदूरों का सहारा लिया जा रहा है। सड़क के चौड़ीकरण और कटिंग कार्य में लगी निर्माणदायी कंपनियों की ओर से छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। इसकी जानकारी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिकारियों को नहीं है।
बारहमासी सड़क निर्माण में लगी शिवालया कंपनी की ओर से नियमों को ताक पर रख कर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। कंपनी के प्रतिनिधियों की ओर से अधिक मुनाफा कमाने के लिए नेपाली मूल के बाल मजदूरों को मलबा हटाने तथा पत्थर उठाने के कार्य में लगाया गया है। बारहमासी सड़क पर चंपावत से लोहाघाट के बीच और बनलेख से सूखीढांग के बीच दर्जनों बाल मजदूर इन दिनों निर्माण कार्य में लगाए गए हैं। स्थानीय मजदूरों की अपेक्षा बच्चों को कम मजदूरी में काम पर रखा गया है। छोटे-छोटे बच्चों को बिना किसी खास सुरक्षा उपकरणों के चट्टानों से मलबा हटाने और पत्थर उठाने के जोखिम भरे कार्य में लगाया गया है।
बताते चलें कि एक पखवाड़े पूर्व कुमाऊं कमिश्नर के निरीक्षण में भी बारहमासी सड़क निर्माण में कई खामियां पाई गई थी। जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन खामियों को ठीक किया जाना तो दूर निर्माणदायी कंपनियों की ओर से नियमों को ताक में रखकर बाल मजदूरी तक कराई जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार उन्हें निर्माण कार्य में बाल मजदूरों को लगाए जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
श्रम विभाग और एसडीएम को दिए जांच के दिए आदेश
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण में बाल मजदूरों को लगाए जाने के मामले का डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने संज्ञान लेते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी और एसडीएम सदर को जांच के निर्देश दिए है। डीएम का कहना है कि छोटे बच्चों से मजदूरी कराए जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।