मां पूर्णागिरि धाम में काली मंदिर प्रवेश द्वार पर दर्शन के लिए जाने को लगी भक्तों की भीड़।
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उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में नवरात्र के दूसरे दिन भीड़ उमड़ी। करीब सवा लाख से ज्यादा श्रद्धालु मां के दर्शन को पहुंचे। भीड़ बढ़ी तो मेले की व्यवस्थाएं भी पटरी से उतर आई। श्रद्धालुओं को अव्यवस्था के चलते खासी परेशानी झेलनी पड़ी। श्रद्धालुओं ने घंटों लाइन में लगकर मां पूर्णागिरि के दर्शन किए। भीड़ कंट्रोल करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
पहले दिन जहां करीब 75 हजार श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, वहीं बुधवार से भक्तों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि व्यवस्थाएं धरी रह गई। सुबह सात बजे से पुलिस को भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक तीन किमी पैदल मार्ग पर आधा दर्जन स्थानों पर बैरियर लगाकर भीड़ को रोकना पड़ा। पुलिस फोर्स की कमी के चलते व्यवस्था पूरी दिन चरमराई गई।
भीड़ बेकाबू हुई तो काली मंदिर चौकी इंचार्ज जनार्दन भट्ट के साथ ही भैरव मंदिर के चौकी इंचार्ज विनोद यादव को भी काली मंदिर आना पड़ा, जबकि मुख्य मंदिर में महिला उप निरीक्षक सरोज कोहली और उप निरीक्षक चंद्र सिंह रावत चुनिंदा जवानों के साथ दर्शन की व्यवस्था में जुटे रहे। बाद में सीओ आरएस रौतेला व कोतवाल अरुण कुमार वर्मा भी व्यवस्था संभालने के लिए मुख्य मंदिर पहुंचे, तब जाकर स्थिति संभली। श्रद्धालुओं को कुछ सेेकेंड में ही देवी के दर्शन कर आगे बढ़ना पड़ा।
दर्शन के लिए लाइन में खड़े रहकर महिलाओं और बच्चों को भी धक्का-मुक्की सहनी पड़ी। इस बीच पेयजल, सफाई, यातायात व्यवस्था भी बेपटरी नजर आई। भैरव मंदिर, ठुलीगाड़, बूम पार्किंग स्थलों के अलावा थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ रोखड़ भी बसों से भरे रहे।