बनबसा/टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र में धान की फसल वायरल बीमारी से ग्रसित हो रही है। इससे प्रभावित धान का पौधा छोटा और पीला हो रहा है। प्रभावित पौधों में बाली आने की संभावना समाप्त हो चुकी है, जिससे उपज कम होने की आशंका जताई जा रही है।
कर्नल (सेवानिवृत्त) सीएस मुरारी, कैप्टन (सेवानिवृत्त) वीरेंद्र रजवार, कैप्टन (सेवानिवृत्त) हरीश कापड़ी, लक्ष्मण नाथ, जगत सिंह मिताड़ी, धनी चंद आदि ने बताया कि क्षेत्र के कई किसानों के खेतों में धान की फसल प्रभावित हुई है।
जिला पंचायत सदस्य, राज्य बागवानी पुरस्कार प्राप्त प्रगतिशील किसान पुष्कर कापड़ी, गणेश प्रसाद मौर्य, गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद, पूर्व कृषि उत्पादक समिति उपाध्यक्ष जसवंत बसेड़ा आदि ने सरकार से धान की फसल को हो रहे नुकसान का जायजा लेकर किसानों कोे उचित मुआवजा और बीमा दिलाने की मांग की है।
प्रगतिशील किसान हेमेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पहले क्षेत्र में कृषि वैज्ञानिक खेतों का निरीक्षण करने आते रहते थे लेकिन अब कृषि वैज्ञानिकों की टीम भी गांव में नहीं आ रही है। उन्होंने कृषि मंत्री गणेश जोशी से कृषि वैज्ञानिकों से निरीक्षण कराने की मांग की है।
इन दिनों धान में लगा रोग वायरल बताया जा रहा है। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में यह रोग काफी फैला है। इससे धान की फसल बौनी हो रही है। जड़ें कमजोर होने से पौधे गिर रहे हैं। दिल्ली, पंतनगर से आए कृषि वैज्ञानिकों ने क्षेत्र का भ्रमण कर फसलों का जायजा लिया है। -अंशु गप्ता, सहायक कृषि अधिकारी, टनकपुर।