चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपचुनाव के दौरान 15 मई को तामली में नेपाल सीमा से लगे ग्रामीणों से किया सड़क बनाने का चुनावी वादा पूरा कर दिया है। यह सड़क बनने पर तल्लादेश क्षेत्र के नौ हजार से अधिक लोगों की मैदान से दूरी 61 किमी कम हो जाएगी। टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) रोड के रूपालीगाड़ वाले बिंदु से तामली को जोड़ने से इन ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा बढ़ने से विकास में भी तेजी आएगी।
प्रदेश शासन ने नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के तामली को टीजे रोड से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु ने आदेश जारी किया है। तामली से रूपालीगाड़ तक 14 किमी के इस हिस्से के जुड़ जाने से तामली से टनकपुर की दूरी महज 66 किमी रह जाएगी जबकि अभी तामली से टनकपुर जाने के लिए चंपावत होकर 127 किमी का फासला तय करना पड़ता है। शासन ने पहले चरण की 151.06 लाख रुपये के आगणन के सापेक्ष 21 लाख रुपये की संस्तुति की है। फिलहाल दस हजार रुपये की टोकन मनी जारी हुई है।
तल्लादेश क्षेत्र को इस मार्ग से जोड़ने की वर्षों से मांग उठ रही थी। आखिरकार अब इसका आदेश होने से नया सवेरा होने की उम्मीद जगी है। - महा सिंह, तामली।
यह सड़क तल्लादेश का भाग्योदय करेगी। सड़क बनने के बाद तल्लादेश मल्लादेश हो जाएगा। विकास बढ़ने से पलायन में भी कमी आएगी। - केशव सिंह, तामली।
तामली से रूपालीगाड़ तक 14 किमी की सड़क की कटिंग के लिए बरसात के बाद से सर्वे शुरू कराया जाएगा सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर शासन में भेजी जाएगी। - विभोर गुप्ता, ईई, लोनिवि, चंपावत।
सड़क से तल्लादेश को होंगे ये फायदे
मैदानी क्षेत्र टनकपुर की दूरी 61 किमी कम हो जाएगी।
समय और किराये में होने वाले खर्च में कमी।
बरसात में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने पर टनकपुर से चंपावत तक वैकल्पिक रूट का विकल्प।