लोहाघाट (चंपावत)। विगत दिनों हुई बारिश से बाराकोट ब्लॉक में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजनाओं को जल संस्थान अभी तक ठीक नहीं कर पाया है। इसके चलते इन योजनाओं से जुड़े क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने बाराकोट में जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पेयजल योजनाओं को शीघ्र ठीक न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाराकोट ब्लॉक के लिए बनी सलना बाराकोट पेयजल योजना में 20 दिन से अधिक समय से बंद है। तड़ाग गुरना संतोला, छड़खोला- बाराकोट पेयजल योजना से एक सप्ताह से ठप पड़ी हुई हैं। पेयजल समस्या के समाधान की मांग के लिए जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता करने पर वह टालामटोली की जा रही है। क्षेत्र में दिनों दिन पेयजल संकट गहराता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान की उपेक्षा के चलते ग्रामीण स्वयं के खर्च से पेयजल योजनाओं की छोटी मोटी कमी को ठीक कराने को मजबूर हैं। चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र सिंह, दया किशन, मनोज कालाकोटी, सुनील वर्मा, अंकित, राजू, मोनू आदि शामिल थे। इधर जल संस्थान के अभियंता भुवन भट्ट का कहना है कि बीते दिनों बारिश के दौरान बाराकोट ब्लॉक को जोड़ने वाली पेयजल लाइनों को काफी नुकसान हुआ है। लाइनों में लगातार कार्य चल रहा है। सलना-गल्लागांव पेयजल लाइन को शुक्रवार को देर शाम तक और सलना-इजड़ा, सलना-बाराकोट, सलना पम्दा लाइनों को तीन दिन के भीतर सुचारु कर दिया जाएगा।