टनकपुर में अप स्ट्रीम में कटाव करती शारदा।
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वर्ष 2013 में आई आपदा मेें शुरू हुआ शारदा के अप स्ट्रीम में कटाव धीरे-धीरे नदी तट के गांवों के लिए खतरा बनता जा रहा है। उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली और थ्वालखेड़ा में छह साल में नदी करीब दो सौ मीटर गांव की ओर खिसक चुकी है। इसके बावजूद जल्द कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए तो इन गांवों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
जून 2013 में भारी बारिश से उफनाई शारदा ने बूम से लेकर शारदा घाट तक तबाही मचाई थी। कटाव से कई एकड़ कृषि भूमि के साथ ही कई पक्के मकान शारदा में समा गए थे। शारदा तट का स्नान घाट और शवदाह गृह का भी नामोनिशान नहीं बचा। शारदा ने इतनी तेजी से कटाव किया कि हनुमानगढ़ी में नदी का रुख गांव के करीब पहुंचने से कई अन्य मकानों के लिए भी खतरा बन गया था।
हनुमानगढ़ी में अब करोड़ों की लागत से सुरक्षा उपाय कर कटाव की रोकथाम कर दी गई है लेकिन उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली और थ्वालखेड़ा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाने से अब भी खतरा बना हुआ है। पुष्कर सिंह, पूरन सिंह, फतेह सिंह, महेश जोशी, प्रताप सिंह, दशरथ सिंह आदि के मुताबिक वर्ष 2013 से अब तक कटाव से शारदा की धारा गांव की ओर करीब दो सौ मीटर खिसक चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले छह सालों से कटाव रोकने को सुरक्षा उपाय की मांग उठाते आ रहे हैं लेकिन गत वर्ष बारिश में कटाव के वक्त थोड़े वायर क्रेट्स डालने के सिवाय कोई ठोस उपाय नहीं हुए हैं।
डीएफओ की पहल से जगी सुरक्षा की उम्मीद
टनकपुर (चंपावत)। शारदा के कटाव से चिंतित ग्रामीणों की मांग पर अब सुरक्षा उपाय के लिए प्रशासनिक पहल शुरू हुई है। शनिवार को नदी क्षेत्र के निरीक्षण में आए हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार की ओर से प्रभावित ग्रामसभाओं के स्तर से शारदा को चैनलाइज कर नदी की धारा दूर मोड़ने का प्रस्ताव डीएम को भेजे जाने की बात कहने से ग्रामीणों में सुरक्षा की उम्मीद जगी है।