टनकपुर (चंपावत)। जल संस्थान की उदासीनता से दूरस्थ सूखीढांग के कटूजापानी सिलाड़ के करीब 12 परिवार करीब तीन माह से अधिक समय से नौलों-धारों से पानी ढोने के लिए मजबूर है। ग्रामीणों ने सोलर पंपिंग योजना की तकनीकी खराबी दूर कर पेयजल आपूर्ति की मांग उठाई है।
समाजसेवी शंकर दत्त जोशी ने बताया कि ग्राम पंचायत सिलाड़ के तोक कटूजापानी में सूखीढांग सोलर पंपिंग योजना से चार वर्षों से पेयजलापूर्ति होती आ रही थी। करीब चार माह पहले तकनीकी खराबी आने से पेयजलापूर्ति प्रभावित हो गई। इससे ग्रामीण स्कूली बच्चे, बूढ़े, वृद्ध, महिलाएं करीब एक किमी दूर नौलों, तालाबों और पोखरों से पैदल सिर पर पानी ढोकर लाने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क न होने से टैंकरों से पेयजलापूर्ति संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ब्यानधुरा मंदिर सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष जोशी, राजेंद्र प्रसाद, रमेश चंद्र, बसंत बल्लभ, नवीन चंद्र, विद्या देवी, जानकी, चंद्रावती, सुमन, शोभा, बाला दत्त आदि ने जिला प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। संवाद
क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग के निर्माण और हैंडपंप लगाने की मांग
बनबसा (चंपावत)। पचपकरिया गांव की एससी बहुल बस्ती के क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग का निर्माण कराने और पेयजल के लिए हैंडपंप लगवाने के लिए प्रधान नेहा बसेड़ा ने डीएम को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने कहा कि पचपकरिया गांव प्रतिवर्ष बरसात में जलभराव और बाढ़ की समस्या से जूझता है। उन्होंने गांव के इस क्षतिग्रस्त मार्ग को पक्का कराने और हैंडपंप लगवाने की मांग की है। संवाद