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गांव से चार किमी दूर धूनाघाट लाए आवारा मवेशी, किया प्रदर्शन

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धूनाघाट में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को मनाने का प्रयास करतीं एसडीएम शिप्रा जोशी। - फोटो : CHAMPAWAT
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गांव सकमलेख और आसपास के किसान आवारा पशुओं से परेशान हैं। नाराज लोग फसल को नुकसान पहुंचाने वाली 22 गायों को चार किमी दूर धूनाघाट में लाए। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम के मनाने पर ग्रामीण मान गए। समस्या का ठोस समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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कमलेख क्षेत्र आलू सहित साक-भाजी के लिए प्रसिद्ध है। बीते कुछ महीनों से यहां के किसान लावारिस गायों से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में छोड़ी गई इन गायों ने उनकी खेती पर जबर्दस्त मार की है। उनका काफी वक्त इन्हें खेतों से दूर करने में ही लग रहा है। इसके बावजूद उनकी फसल को नुकसान पहुंच रहा है। थक हार कर ग्रामीणों ने गायों को धूनाघाट पहुंचाया और जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, प्रकाश सिंह, रमेश सिंह, गणेश सिंह, मदन सिंह, भगवान सिंह, कीर्ति देवी, गंगा देवी, सरस्वती देवी, हेमा देवी, सरिता, पुष्पा, दीपा आदि थे। प्रदर्शन की जानकारी लगने पर पाटी की एसडीएम शिप्रा जोशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। उन्होंने पशुओं को गहतोड़ा गांव की गोशाला में पहुंचाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर से प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
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जिले में जंगली जानवर और लावारिस मवेशी कई जगह खेती पर भारी पड़ रहे हैं। इससे निपटने के लिए पशुपालन और वन विभाग से मंत्रणा की गई है। वहीं कृषि विभाग ने भी कुछ स्थानों पर फेंसिंग के जरिए बचाव का प्रयास किया है। राजेंद्र उप्रेती, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।
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