फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंक खुलवाने के आश्वासन पर माने तल्लापाल के ग्रामीण

विज्ञापन
सूखीढांग में बैंक की शाखा खोलने की मांग को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक पाठक को ज्ञापन देते संघ - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। बैंकिंग सुविधा से दूर तल्लापाल क्षेत्र के लोगों का बेमियादी धरना शुरू होने से पूर्व ही भाजपा हरकत में आई। बुधवार को धरना शुरू करने के प्रस्तावित समय से एक घंटे पहले भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक पाठक ने धरना स्थल सूखीढांग सेनानी द्वार के पास पहुंच बैंक खुलवाने का आश्वासन दिया। कहा कि क्षेत्र की बड़ी आबादी और पेंशनर्स की संख्या को देखते हुए यहां बैंक की शाखा का खोला जाना औचित्यपूर्ण है।
विज्ञापन

पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की शाखा को स्थापित करवाने के लिए बैंक के चेयरमैन मनोज सामंत से वार्ता कर प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी। साथ ही चंपावत जिले के इस माह के प्रस्तावित दौरे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रतिनिधिमंडल को मिलाने का भरोसा दिलाया। तल्लापाल विलौन संघर्ष समिति के संयोजक पंडित शंकर दत्त जोशी, सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने ग्रामीण प्रतिनिधियों से वार्ता करने के बाद धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष गोविंद बोहरा, बीडीसी सदस्य दीपा जोशी, बचन सिंह अधिकारी, नवीन भट्ट, जीवन बोहरा, इंद्र सिंह राना, प्रेम सिंह आदि मौजूद थे। इधर तल्लापाल क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बैंक तक पहुंचने के लिए 25 से 51 किमी दूर तक की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए बुधवार से बेमियादी धरना देने की घोषणा की गई थी।
विज्ञापन

-
क्षेत्र के लोगों की पीड़ा:
90 साल होने के बावजूद पेंशन के लिए टनकपुर जाना होता है। जीप में उल्टी भी होती है। साथ ही इस उम्र में 30 किमी की दौड़ लगाना किसी मुसीबत से कम नहीं है।
-दिवान सिंह राणा, पेंशनर, बयाला
इतने बड़े क्षेत्र में न बैंक है और न ही एटीएम की सुविधा। यहां के लोग बैंक के हर छोटे बड़े काम के लिए मोटी रकम खर्च कर टनकपुर भागने को मजबूर हैं।
-गणेश राम, सूखीढांग।
सूखीढांग में चार दशक पहले तक बैंक की सुविधा थी लेकिन 1994 में इस बैंक को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। इससे लोगों की परेशानी बढ़ी है।
-बृजमोहन चौड़ाकोटी, बृजनगर
बैंक की कमी क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। इस वजह से 82 साल की उम्र में सेहत ठीक नहीं होने पर भी बैंक के लिए यात्रा करनी पड़ती है।
-रघुवर दत्त चौड़ाकोटी, चौड़ाकोट।
बैंक की दूरी की वजह से वृद्धावस्था पेंशन भी समय पर नहीं ले पाते हैं। साल में दो बार टनकपुर जाकर बैंक से पेंशन लाता हूं।
-पान सिंह कनवाल, श्यामलाताल।
98 साल की उम्र में भी बैंक के काम के लिए लंबी दूरी लांघता हूं। अपनी पेंशन लेने जाने के लिए नाती को साथ ले जाना पड़ता है। इस तरह आने जाने में ही 600 रुपये लग जाते हैं।
विज्ञापन

- पंडित मोतीराम जोशी, तलियाबांज।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें