चंपावत में सड़क सुविधा की बाट जोहता कलजाख क्षेत्र।
चंपावत। जिला मुख्यालय से महज दस किमी की दूर पर कलजाख गांव में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण मुखर हो गए हैं। लंबे समय से सड़क का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने अब लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। पल्सों ग्राम पंचायत के कलजाख तोक के लिए सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व में राज्य सरकार की ओर से सड़क की वित्त समिति से मंजूरी मिली थी। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क निर्माण की कार्रवाई नहीं जा रही है। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के 23 साल बीतने के बाद भी जिला मुख्यालय से मात्र दस किलोमीटर की दूर स्थित कलजाख तोक तक सड़क नहीं पहुंचने का खामियाजा काश्तकार और दुग्ध उत्पादक उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 2022 के विधानसभा उप चुनाव में ग्राम पंचायत पल्सों में 87 प्रतिशत मतदान मुख्यमंत्री के पक्ष में किया गया था।
सब्जी और दुग्ध उत्पादन के लिए जाना जाता है कलजाख
चंपावत। जिला मुख्यालय का समीपवर्ती कलजाख गांव सब्जी उत्पादन और दुग्ध उत्पादन के लिए जाना जाता है। सड़क की सुविधा नहीं होने से यहां के काश्तकारों और दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में दिक्कतें होती हैं। संवाद
क्या बोले ग्रामीण
ग्रामीण कर्नल भुवन जोशी, ग्राम प्रधान हरीश जोशी, नारायण दत्त जोशी, कमल जोशी, खिलानंद, धर्मानंद आदि का कहना है कि इस संबंध में कई बार अधिकारियों और सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से गुहार लगाई जा चुकी है। अब यदि विभाग की ओर से जल्द सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो वह आगामी लोक सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
ईई, लोनिवि, चंपावत, एमसी पलड़िया ने बताया कि पल्सों-कलजाख सड़क को लेकर विभाग की ओर से तैयार एलायमेंट को तकनीकी स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। इसकी मंजूरी मिलते ही सड़क निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।