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खर्राटाक में चार वर्षो से अदरक की खेती कर रहे हैं ग्रामीण

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चंपावत जिले का खर्राटाक गांव पलायन की मार झेल रहा है। - फोटो : CHAMPAWAT
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जिले में उत्तर भारत के प्रमुख देवी शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम के पुजारियों का मूल गांव खर्राटाक वर्तमान में पलायन के कारण वीरान हो गया है। गांव को फिर से आबाद करने की पहल शुरू की गई है। नेपाल सीमा से लगे खर्राटाक के युवा ग्रामीणों की ओर से गांव को एक बार फिर से आबाद करने के लिए बीते चार वर्षों से अदरक की खेती की जा रही है।
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वहीं खर्राटाक गांव के पुराने और जर्जर मकानों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। गांव में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और विस्तार के लिए ग्रामीणों की ओर से शासन प्रशासन से सहयोग मांगा जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री सहित तमाम आला अधिकारियों को पांच सूत्री मांग पत्र भेजा गया है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि उनकी मांगें पूरी हो गईं तो वे सभी गांव को फिर से आबाद कर दिखाएंगे।
ये हैं ग्रामीणों की पांच सूत्री मांगे
चंपावत। खर्राटाक गांव को टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग से चूका होते हुए जोड़ा जाए जिसकी दूरी मात्र चार किमी है। खर्राटाक के पास जिम कार्बेट क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। खर्राटाक गांव के जीर्ण शीर्ण मकानों के पुनर्निर्माण के लिए अनुदान दिया जाए। गांव के पैदल मार्गों की मरम्मत व सीसी मार्गों का निर्माण किया जाए। गांव को सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली दी जाए।
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ग्रामीणों की मांगों का शासन ने लिया संज्ञान
चंपावत। पूर्णागिरि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी और खर्राटाक के ग्रामीणों की ओर से खर्राटाक गांव को फिर से आबाद किए जाने संबंधी मांगों को शासन ने संज्ञान लिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से लोनिवि, ग्राम्य विकास, पर्यटन, ऊर्जा, स्वास्थ्य और पेयजल विभाग के सचिवों और अपर सचिवों को आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।
सुविधाएं मिलें तो ये ग्रामीण करेंगे गांव वापसी
चंपावत। पलायन के कारण खाली हो चुके खर्राटाक के ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुविधाएं मिलें तो सुरेश तिवारी, महेश तिवारी, विपिन तिवारी, नवीन तिवारी, लखन तिवारी, कमलापति तिवारी, प्रमोद तिवारी, धर्मानंद तिवारी, अंबादत्त तिवारी, शंकर दत्त, जयदेव, प्रकाश चंद्र तिवारी, नेत्रबल्लभ तिवारी, नंदू तिवारी आदि ग्रामीण फिर से गांव वापसी के लिए तैयार हैं।
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