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ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क से मलबा साफ किया

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चंपावत। आमतौर पर बारिश के कारण मलबा आने से बंद होने वाली सड़कों से मलबा हटाने के लिए लोग सरकारी मदद आने का इंतजार करते हैं। लेकिन जिला मुख्यालय के समीपवर्ती जैगांव-जैतोली, किसकोट, पल्सों, नघान आदि ग्राम पंचायतों के ग्रामीण युवाओं ने हिंगलादेवी मोटर मार्ग में आए मलबे को हटाने के लिए सरकारी मदद आने का इंतजार करने के बजाय स्वयं ही मलबा हटाने का मोर्चा संभाल लिया।
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दरअसल बीते दिनों आई भारी बारिश के कारण कई स्थानों में मलबा आने से हिंगलादेवी मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गया था। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों के साथ ही हिंगलादेवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पूर्व प्रधान नंदाबल्लभ कापड़ी, प्रकाश कापड़ी, हरीश जोशी, प्रकाश जोशी आदि ग्रामीणों ने बताया कि ललुवापानी-हिंगलादेवी मोटर मार्ग पर बीते दिनों हुई बारिश से अधिकांश स्थानों पर भूस्खलन एवं पानी के बहाव से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। इसके चलते दोपहिया वाहन एवं चौपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए खतरा बना हुआ था। क्षेत्र के युवाओं की पहल पर अन्य ग्रामीणों ने भी श्रमदान में सहयोग कर स्वयं की मलबा हटाकर मार्ग को दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए खोल दिया।
लॉकडाउन में पुनर्जीवित हो उठी है श्रमदान की परंपरा
चंपावत। जिले में कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन में ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमदान की विलुप्त होती जा रही सामाजिक परंपरा को फिर से पुनर्जीवित करने का काम भी किया है। इससे पूर्व में भी जिला मुख्यालय के सौंज, तिलौन और डुंगरासेठी ग्राम पंचायत के युवा कोरोना काल में श्रमदान के जरिये अपने-अपने गांवों को सड़क सुविधा से जोड़कर मिसाल पेश कर चुके हैं। इसके अलावा कई स्थानों में श्रमदान के जरिये सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत भी की जा रही है। (संवाद)
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ललुवापानी से हिंगलादेवी मंदिर तक किया जाए डामरीकरण
चंपावत। स्थानीय ग्रामीणों ने ललुवापानी-हिंगलादेवी मोटर मार्ग पर डामरीकरण किए जाने की मांग उठाई है। सामाजिक कार्यकर्ता वैद्य लीलाधर जोशी, नारायण दत्त जोशी, रमेश चंद्र, नंदाबल्लभ, दुर्गादत्त, पवन कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि हिंगलादेवी मंदिर तक डामरीकरण किए जाने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी। (संवाद)
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