लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के दूरस्थ भारत नेपाल सीमा में बसे पंथ्यूड़ा गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। पानी, स्कूल, अस्पताल, बैंक आदि की कोई सुविधा न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों पर क्षेत्र में न आकर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया।
इस दौरान गांव में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के जिला संयोजक राजेंद्र पुनेठा ने ग्रामीणों की बैठक लेकर उनकी समस्याएं सुनी। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के आसपास कोई हाईस्कूल न होने से आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बच्चों के दुर्गम जंगलों के रास्ते करीब छह किमी दूर या वाहनों से 15 किमी दूर अध्ययन के लिए जाना पड़ता है, गांव के समीप सरयू नदी बहने के बावजूद भी गांव में पेयजल की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
गांव के आसपास कोई अस्पताल या बैंक न होने से बीमार, बुजुर्गों को उपचार या पेंशन लेने के लिए करीब 40 किमी दूर लोहाघाट की दौड़ लगानी पड़ती है। जिसके लिए उन्हें आने जाने में 100 रुपये टिकट का खर्च करना पड़ता है। उसमें भी कभी कभी तो बिना काम हुए ही वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीण माधवानंद पंत, पार्वती देवी आदि का कहना है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के वक्त ही वोट मांगने आते हैं, अधिकारियों के तो कभी दर्शन ही नहीं होते हैं। इस मौके पर केशव दत्त, धना देवी, निर्मला पंत, हीरा राम, बसंती देवी, कलावती, जोग्यानी, जानकी, दुर्गा, शांति आदि मौजूद रहे।