राज्य वित्त आयोग की धनराशि ग्राम पंचायतों से हटाए जाने के विरोध में ग्राम प्रधान भड़क गए हैं। उन्होंने सोमवार को इस मुद्दे को लेकर बीडीसी बैठक का बहिष्कार किया। सुबह 11 बजे से बीडीसी बैठक के लिए अधिकारी और जनप्रतिनिधि ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे तो गेट पर ही प्रधानों ने मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
एक ओर बीडीसी सभागार में कुर्सियां जनप्रतिनिधियों का इंतजार करती रही तो दूसरी ओर राज्य वित्त की धनराशि हटाने के विरोध में प्रधानों ने बीडीसी बैठक का बहिष्कार कर ब्लाक परिसर में नारेबाजी करते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों का घेराव किया।
ग्राम प्रधानों का कहना था कि इससे पूर्व बीएडीपी, बीआरजीएफ आदि योजनाओं की फंडिंग बंद करने के साथ ही मनरेगा में बीते एक साल से भुगतान लटके हुए हैं।
अब राज्य सरकार की ओर से राज्य वित्त आयोग की धनराशि भी ग्राम पंचायतों से हटाकर क्षेत्र और जिला पंचायतों को देने का निर्णय लेकर ग्राम प्रधानों को पूरी तरह से वित्त विहीन बना दिया है। ऐसे में बीडीसी बैठक का क्या औचित्य है।
बीडीसी बैठक का बहिष्कार करने वालों में ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ, केशव दत्त मौनी, अमजद हुसैन, रूपा भट्ट, महेश पुनेठा, उत्तम सिंह, मुकेश जोशी, देवेंद्र सिंह, महेश सिंह, संजय सिंह, विजय राणा, कमला पांगती, शांति देवी, ममता बिष्ट, विनोद सिंह चौधरी, मदन सिंह, दीपा भट्ट, नवीन सिंह, सरस्वती देवी, रेखा भट्ट, नरेंद्र सिंह, मोहनी देवी, जानकी देवी, जगदीश राम, सुनीता देवी, दीवान राम, श्याम प्रसाद, नारायण दत्त, विनोद वर्मा सहित सभी ग्राम प्रधान शामिल रहे।