ग्रामसभाओं को नगर पालिका में शामिल किए जाने के सरकार के फैसले के विरोध को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है। आंदोलित ग्रामीणों ने क्रमिक धरने के तीसरे दिन तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब तक कैबिनेट का फैसला रद्द नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। आगाह किया है कि जल्द उनकी मांग पर अमल नहीं हुआ तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, ज्ञानखेड़ा की प्रधान नीतू गोस्वामी, आमबाग की प्रधान पुष्पा विश्वकर्मा, मोहनपुर के प्रधान विनोद कुमार, थ्वालखेड़ा के प्रधान सतीश पांडेय, पूर्व प्रधान जीत सिंह के संयुक्त नेतृत्व में ग्रामीणों ने बुधवार को नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सेवानिवृत्त कै. चंद्रशेखर गहतोड़ी, पूर्व उप प्रधान हरीश राजा, बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, दीपा देवी, मोहन तिवारी, हीरा देवी, हरीश जोशी, त्रिलोक बिष्ट आदि शामिल थे।
जनता की इच्छा के विरुद्ध नहीं होगा कोई काम : विधायक
टनकपुर। गांवों को नगर पालिका में शामिल किए जाने के कैबिनेट के फैसले के विरोध में चल रहे आंदोलन पर क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि जब जनता नहीं चाहेगी तो गांवों को नगर पालिका में शामिल किए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। तीन दिन से चल रहे आंदोलन पर चुप विधायक गहतोड़ी ने बुधवार को चुप्पी तोड़ी। अमर उजाला से फोन पर बात कर विधायक गहतोड़ी ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी को जनता की भावना के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने एसडीएम और ईओ को जनता की आपत्तियां दर्ज कर रिपोर्ट मांगी है।