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अनुपस्थित शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराएं 

Mon, 18 Sep 2017 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।  
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शिक्षामंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने डीएम, एसडीएम को स्कूलों का औचक निरीक्षण करने, कक्षा तीन, पांच, आठ में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को दी जा रही शिक्षा का विश्लेषण करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने कहा कि समय से स्कूल न आने वाले अध्यापकों पर शिकंजा कसने के साथ बिना उचित कारण के अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों पर मुकदमा करें। अच्छे विद्यालयों एवं अध्यापकों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित रहने वाले, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न दे सकने वाले कतिपय अध्यापकों पर शिक्षा अधिकारी पैनी नजर रखने के साथ उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।  
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी दशा में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करने दिया जाएगा। शिक्षा पर धब्बा लगाने वाले, शिक्षा को चारागाह बनाने वालों पर कठोर कार्रवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में जिन स्कूलों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर आदि की कमी है उन स्कूलों में पंचायत के माध्यम से शौचालय, पेयजल, फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने जिला ओलंपिक खेल उत्सव की अभी से तैयारी करने, खेल महाकुंभ को आकर्षण बनाने के लिए सुझाव भेजने को भी कहा। कहा कि सभी अधिकारियों, कर्मचारियों नेम प्लेट हिंदी के साथ संस्कृत में भी होगी। वहां परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, डीईओ माध्यमिक डीएस राजपूत, बेसिक सत्यनारायण, जिला क्रीड़ाधिकारी आरएस धामी, युवा कल्याण अधिकारी एचसी जोशी, बीईओ अंशुल बिष्ट, बीएस रावत आदि थे। 
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निजी विद्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाएं 
चंपावत। शिक्षा मंत्री ने निजी विद्यालयों में सीसीटीवी लगाने, पूरे स्टाफ की फोटो, शैक्षिक योग्यताएं दायित्वों को सम्मानजनक तरीके से नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएम को विद्यालयों में फर्नीचर, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी, अग्निशमन यंत्र आदि की समय-समय पर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों पर भी अंकुश रखें।  
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