केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का असर ग्राम पंचायतों पर दिखाई पड़ने लगा है। ज्ञानखेड़ा के बाद अब जिले के मैदानी क्षेत्र की विचई ग्राम पंचायत भी शत-प्रतिशत शौचालय युक्त पंचायत बन गई है, जिसके बाद विचई एसएलडब्ल्यूएम (सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट) पुरस्कार की दौड़ में शामिल होने वाली जिले के मैदानी क्षेत्र की दूसरी पंचायत बन गई है।
स्वच्छ भारत मिशन धीरे-धीरे स्वच्छता का उजाला जगाने लगा है। शत-प्रतिशत शौचालय युक्त ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत करने की केंद्र सरकार की योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि अपनी पंचायत को इस श्रेणी में शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं। जिले के मैदानी क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतें भी शत-प्रतिशत शौचालय युक्त बनी है। पहले ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत इस श्रेणी में आई तो अब ग्राम प्रधान किरन देवी और बीडीसी सदस्य कादिर अली के प्रयास से विचई ग्राम पंचायत भी शत-प्रतिशत शौचालय युक्त बन गई है।
प्रधान किरन ने बताया कि स्वजल विभाग में पंचायत के शत-प्रतिशत शौचालय युक्त होने का दावा किया गया है। विभाग के सामुदायिक विभाग विशेष मो.आरिफ खान ने बताया कि विचई एसएलडब्ल्यूएम की टीम पुरस्कार के लिए ज्ञानखेड़ा के साथ ही विचई ग्राम पंचायत का भी सर्वे कर रिपोर्ट स्वच्छ भारत मिशन को भेजेगी।
हर परिवार के पास है शौचालय
ग्राम प्रधान किरन देवी का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग से पंचायत को स्वच्छ बनाने का काम शुरू किया गया। विशेषकर महिलाओं ने सफाई अभियान चलाकर श्रमदान से पंचायत में गंदे स्थलों की सफाई की और लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि आज उनकी पंचायत में एक भी परिवार ऐसा नहीं है जो शौचालय सुविधा से वंचित हो।
कोई नहीं जाता खुले में शौच
बीडीसी सदस्य कादिर अली का कहना है कि उनके बीडीसी क्षेत्र में विचई के साथ ही मनिहारगोठ ग्राम पंचायत भी है। दोनों ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के लिए लोगों को जागरूक करने का काम किया और विचई ग्राम पंचायत में यह अभियान सफल भी हुआ है। ग्राम पंचायत में करीब 15 परिवार शौचालय से वंचित थे, लेकिन आज इन परिवारों के पास भी शौचालय की सुविधा है और कोई भी खुले में शौच को नहीं जाता है।