सुंई बिशंग के आषाढ़ी महोत्सव में मां भगवती के वायुरथ को ले जाते श्रद्धालु। स्रोत : आयोजक
लोहाघाट (चंपावत)। सुंई बिशंग के आषाढ़ी वायुरथ महोत्सव के अंतिम दिन मां भगवती की वायुरथ यात्रा निकली। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर मां का आशीर्वाद लिया। शनिवार को चारद्योली के आयुधों को देवडांगर आदित्य महादेव मंदिर में लाया गया। उन्हें हवन, यज्ञ के बाद दूध और जल से स्नान कराया गया। मंदिर में पूजा संपन्न होने के बाद देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट कर मां भगवती की गुप्त प्यौली को आदित्य महादेव मंदिर प्रांगण की परिक्रमा कराई गई।
वायुरथ को मंदिर से गलचौड़ा, पऊ, चनकांडे, डुंगरी से होते हुए द्यौलागढ़ में लाया गया। खैसकांडे होते हुए उख्खा कोट की दुर्गम पहाड़ी को पार करते हुए बीस गांव बिशुंग की परिक्रमा के लिए रथ निकला। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने मां भगवती की रथ यात्रा में अक्षत व पुष्प वर्षा की। बिशंग टाक में देव डांगरों ने स्नान किया। वायु रथ देर रात सुंई के आदित्य महादेव मंदिर पहुंचा। आरती के बाद मां भगवती मंदिर चौबेगांव की ओर ले जाया गया। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष भुवन चौबे ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सहयोगियों का आभार जताया। संवाद