टनकपुर के गांधी मैदान में कार्यक्रम का आयोजन, मेडल प्राप्त, वीर सैनिक और वीर नारियों को सम्मानित किया गया
बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का लोगों ने उठाया लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि और वीर भूमि है। यहां देश की रक्षा के लिए हर परिवार से सैनिक कुर्बानी देता है और हर घर में संघर्षशील नारी है। वह मणिपुर से हैं और वहां उत्तराखंड समेत कई राज्यों के सैनिक आते हैं उनको कितना समय घर में देखभाल के लिए मिलता है। ऐसे में वह उत्तराखंड हाइकोर्ट से निवेदन करते हैं कि पूर्व सैनिकों के लिए अलग से उनकी समस्या के समाधान के लिए प्रयास करें। इस दौरान मेडल प्राप्त और कारगिल युद्ध, 1965 और 1971 युद्ध के वीर सेनानियों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया।
रविवार को गांधी मैदान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंपावत और ऊधमसिंह नगर की ओर से आयोजित में बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व के मूल्य तभी सार्थक होंगे जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है जहां लगभग हर परिवार में दो योद्धा होते हैं एक सीमा पर देश की रक्षा करता हुआ सैनिक और दूसरा घर में संघर्षों का सामना करती हुई महिला। सैनिकों के त्याग, बलिदान और कुर्बानी का कोई मोल नहीं लगाया जा सकता। जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा, विधिक जागरूकता एवं सामाजिक संरक्षण के माध्यम से सभी को मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है।
विशिष्ट अतिथि कार्यकारी अध्यक्ष, यूकेएसएलएसए (उत्तराखंड स्टेट लीगल सविसेज अथॉरिटी) हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने नालसा 2025 और जनजाति आदिवासी समाज से संवाद पर कहा कि न्याय से कोई वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अधिकारों की जानकारी ही सबसे बड़ी शक्ति है। न्याय मूर्ति रविंद्र मैठाणी ने कहा कि उनका सुझाव है कि एक पोर्टल का प्रस्ताव बनाया जाए जिसमें ऑनलाइन कार्य हो सके। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि न्याय को अधिक सुलभ बनाया जा रहा है।
समापन सत्र में कार्यकारी अध्यक्ष, यूकेएसएलएसए न्यायमूर्ति तिवारी और मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सिंह ने विभिन्न प्रतिभागियों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित, पिछड़े, जनजातीय वर्ग, पूर्व सैनिकों, महिलाओं, दिव्यांगों को उनके अधिकारों, निशुल्क विधिक सहायता एवं विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। जिला न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुज कुमार संगल ने स्वागत संबोधन किया।
पूर्व सैनिकों के साथ किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त कर्नल उमेद सिंह, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कैप्टन गंभीर सिंह धामी ने राष्ट्र सेवा में सैनिकों के योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान पूर्व सैनिकों से संवाद करते हुए वीर नारियों, युद्ध पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। जनजातीय समुदाय की ओर से पास्टोरल यूथ एसोसिएशन अध्यक्ष मो. इशाक ने जनजातीय समाज की समस्याओं एवं अपेक्षाओं को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया। थारू और बोक्सा समाज के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया गया। दिव्यांगों को व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इस दौरान उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि ने लोक अदालत, मध्यस्थता, निशुल्क विधिक सहायता योजनाओं और न्याय मित्र एप की जानकारी दी। कार्यक्रम में डीएम मनीष कुमार, एसपी अजय गणपति, प्रभारी जिला न्यायाधीश ऊधमसिंह नगर आशुतोष मिश्रा, सचिव डीएलएसए ऊधमसिंह नगर योगेंद्र कुमार सागर, सचिव डीएलएसए चंपावत भवदीप रावते, न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।
ऊधमसिंह नगर, चंपावत जिले के पूर्व सैनिक और वीरांगनाएं सम्मानित
बहुउद्देशीय शिविर में ऊधमसिंह नगर और चंपावत जिले के सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह और हाईकोर्ट के जजों ने मेडल प्राप्त, कारगिल, वर्ष 1965, 1971 युद्ध में हिस्सा ले चुके पूर्व सैनिक, वीर नारियों को सम्मानित किया। इनमें वीर नारी पिंकी रैंसवाल, भागीरथी देवी, नायक सूबेदार शेर सिंह, नायब सूबेदार हरीश चंद्र जोशी, सिपाही लाल बहादुर चंद, मदन सिंह, नायक देवेंद्र सिंह, वीर नारी हरुली देवी, लक्ष्मी देवी, पार्वती देवी, कलावती देवी, कमला देवी, चंद्रकला, हीर ज्याला, देवकी देवी, गीता खड़ायत, दीपा जोशी, माया जोशी, लता चंद, इंद्रा देवी, देवकी देवी, प्रेमा देवी, आशा देवी, सिपाही विनय सिंह बोरा समेत 36 से अधिक लोगों को सम्मानित किया गया।
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थारु जनजाति के नृत्य और बच्चों के छोलिया नृत्य ने मन मोहा
कार्यक्रम के दौरान खटीमा के थारु जनजाति वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप थारु सांस्कृतिक उत्थान समिति के बंटी सिंह और जय भूमिसेन होलिका उत्थान समिति की शिक्षा देवी के नेतृत्व में रंगारंग जनजाति का नृत्य और बनबसा के चंदनी प्राथमिक स्कूल के बच्चों ने ने प्रकाश अधिकारी के नेतृत्व में कुमाऊं के छोलिया नृत्य की प्रस्तुति दी। लोहाघाट के कलाकारों से देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया।
स्टाॅलों पर लोग उमड़े, 3636 आवेदनों का निस्तारण
बहुउद्देशीय शिविर और सरकार जन-जन के द्वार के तहत जिला प्रशासन की ओर से लगाए विभिन्न विभागों के स्टॉलों में बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इनमें नगर पालिका, समाज कल्याण विभाग, कृषि, डेयरी, उद्योग, स्वास्थ्य आदि विभागों के लगे शिविरों का लोगों ने लाभ उठाया। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि कुल 3636 आवेदनों का निस्तारण किया गया। इनमें राजस्व विभाग ने 90 दाखिल खारिज और 100 प्रमाणपत्र बनाए।