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अमेरिकन नागरिक फरीदा मलिक को मिली जमानत

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अमेरिकन नागरिक फरीदा मलिक। - फोटो : AMAR UJALA
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अमर उजाला ब्यूरो चंपावत। पासपोर्ट और वीजा के बगैर नेपाल से बनबसा के रास्ते भारत आने की दोषी पाकिस्तान मूल की अमेरिकी नागरिक फरीदा मलिक को जमानत मिल गई है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने कई शर्तो के साथ जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। कोविड-19 के खतरे के बीच मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। 12 जुलाई 2019 को सीमांत बनबसा चेकपोस्ट से नेपाल की राजधानी काठमांडू से बनबसा की बस में फरीदा मलिक (50) पुत्री सुल्तान अख्तर मलिक नामक पाकिस्तानी मूल की यूएसए नागरिक को इमीग्रेशन अधिकारियों ने पकड़ा था, जिसके बाद उसके खिलाफ बनबसा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र कुमार ने 5 मार्च को विधिक दस्तावेजों के बगैर बनबसा में प्रवेश करने पर चार वर्ष के सश्रम करावास की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। सीजेएम की अदालत से दोषी करार दी गई विदेशी महिला कुछ दिन लोहाघाट न्यायिक बंदीगृह में रहने के बाद इस वक्त अल्मोड़ा जेल में है।  विदेशी महिला फरीदा मलिक की ओर से अधिवक्ता शेखर लखचौड़ा ने अल्मोड़ा से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी लगाई। आवेदन में फरीदा मलिक की मधुमेह व अन्य स्वास्थ्यगत दुश्वारी का हवाला दिया गया। फरीदा मलिक की सेहत और कोविड-19 की वैश्विक महामारी से उपजे हालात के मद्देनजर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष नैथानी ने 21 अप्रैल को जमानत अर्जी स्वीकार की। अलबत्ता 25-25 हजार रुपये के दो जमानती, आवेदक की और से 25 हजार रुपये का निजी बांड, सीजेएम द्वारा लगाए गए अर्थदंड की आधी रकम यानि दस हजार रुपये की राशि जमा करने की शर्त लगाई गई है।
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