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शहर से लगे गांव की सफाई से बेखबर प्रशासन

Sun, 24 Sep 2017 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
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चंपावत ललुवापानी रोड में सड़क पर फैला कूड़ा। - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत/लोहाघाट। सफाई अभियान के लिए आम भागीदारी के मकसद से पीएम से लेकर डीएम तक के हाथ में झाड़ू नजर आता है। लेकिन इसके बावजूद न केवल गांवों, बल्कि शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी से निजात नहीं मिल पा रही है। आलम यह है कि लोहाघाट उप कोषागार से करीब 20 मीटर दूरी पर ग्रामीण क्षेत्र में एक सप्ताह से अधिक समय से पड़े कूड़े को हटाने के लिए न अभियान चलाने वाले आगे आ रहे हैं और नहीं कोई सरकारी एजेंसी। 

ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई सहित जरूरी सुविधाएं देने का काम मुख्य रूप से जिला पंचायत का है। लेकिन पंचायत द्वारा सफाई अभियान को लेकर कतई दिलचस्पी नहीं दिखाई जाती है। खेतीखान, देवीधुरा, पाटी, सूखीढांग, चल्थी सहित अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सफाई का इंतजाम नहीं है। और तो और लोहाघाट नगर पंचायत की सीमा से लगी पाटन-पाटनी ग्राम पंचायत के शुरुआती मुहाने में कूड़े का ढेर है। नगर पंचायत इस ढेर को उसकी सीमा में नहीं होने की वजह से नहीं हटा रहा है, तो ग्राम प्रधान सुभाष विश्वकर्मा ग्राम पंचायत के पास स्वच्छक नहीं होने से सफाई से असमर्थता जता रहे हैं। 
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कूड़े के ढेर वाली जगह उप कोषागार से बमुश्किल 20 मीटर की दूरी पर है। यहां से न केवल उप कोषागार के लिए आवाजाही की जाती है, बल्कि कई स्कूल और अन्य स्थानों को काफी लोग आवाजाही करते रहते हैं। ढेर के पास हैंडपंप भी है। कूड़े के ढेर की वजह से नाली की निकास व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। इधर एसडीएम आरसी गौतम का कहना है कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में आया है। दो दिनों के भीतर कूड़े का निस्तारण करा दिया जाएगा। 


जिला मुख्यालय का कूड़ा भी सड़क किनारे 
जिला मुख्यालय में कूड़ा निस्तारण का आज तक कायदे का इंतजाम नहीं हो सका है। ट्रंचिंग ग्राउंड तक अभी मंजूरी के लिए तरस रहा है। फिलहाल चंपावत में कूड़े का निस्तारण सर्किट हाउस को जाने वाली सड़क के किनारे फेंका जा रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड की अड़चनों को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। 
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कोट 
जिला पंचायत मां पूर्णागिरि धाम, मां बाराही धाम देवीधुरा, रीठा साहिब में मेला अवधि में सफाई की व्यवस्था के लिए स्वच्छकों की अस्थाई व्यवस्था कराती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई के लिए पंचायत के पास स्वच्छक नहीं है। जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों से कोई कर भी नहीं वसूलती है। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां करने वालों से एकमात्र व्यावसायिक शुल्क लिया जाता है। 
राजेश कुमार, 
अपर मुख्य अधिकारी, 
जिला पंचायत, चंपावत।  
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