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उफनाया किरोड़ा

Sat, 18 Jun 2016 10:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
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उफनाया किरोड़ा - फोटो : अमर उजाला
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शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर जहां किरोड़ा नाले के उफान से आधा घंटा आवाजाही ठप रही, वहीं बाटनागाड़ में आया मलबा भी राहगीरों के लिए आफत बना रहा। पूर्णागिरि दर्शन को पहुंचे यात्री जोखिम उठाकर मलबे से आवाजाही करने को मजबूर हुए।
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प्री-मानसूनी बारिश राहत के साथ धीरे-धीरे आफत पैदा करने लगी है। शनिवार सुबह पर्वतीय क्षेत्रों में हुई जबरदस्त बारिश से किरोड़ा नाला उफान पर आ गया, जिसके चलते पूर्णागिरि मार्ग पर थ्वालखेड़ा रपटे से पैदल यात्री और वाहन दोनों ओर फंसे रहे। करीब आधे घंटे बाद जलस्तर घटने पर आवाजाही सुचारु हो पाई।

 उधर, बारिश में हर साल मार्ग बाधित करने वाले बाटनागाड़ रोखड़ में भी मलबा आना शुरू हो गया है। पानी के साथ बहकर आ रहे मलबे ने भी आफत मचाई। इस मार्ग पर टैक्सी वाहन तो चलते रहे, लेकिन मां पूर्णागिरि दर्शन को पैदल पहुंचे यात्रियों के लिए मलबा खतरा बना रहा। बावजूद इसके पैदल यात्रियों ने जान जोखिम में डाल कर मलबे से पैदल आवाजाही की।
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बता दें कि बाटनागाड़ रोखड़ में हर साल बारिश में आने वाला मलबा पूरे मौसमभर पूर्णागिरि मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को बाधित रखता है। मलबा हटाकर रास्ता खोलने में प्रशासन को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का समाधान निकालने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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