चंपावत। जिले में जहां एक ओर सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के नए दाखिले के लिए प्रवेशोत्सव कार्यक्रम चल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई सरकारी स्कूल खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। मौजूदा शैक्षिक सत्र में छात्र न होने के कारण जिले के दो और राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में ताले लटक गए हैं। जिले में छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद प्राथमिक स्कूलों की संख्या अब 10 हो गई है।
नेपाल सीमा से लगे चंपावत विकासखंड के पोलप और लोहाघाट विकासखंड के रोटला राजकीय प्राथमिक विद्यालय में अब ताले लटक गए हैं। पोलप में पांचवीं कक्षा के एक छात्र सहित कुल दो छात्र थे। चौथी कक्षा के छात्र के बरेली जाने के चलते अब इस स्कूल में एक भी छात्र नहीं रह गया है। खंड शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट ने बताया कि यहां के शिक्षक को दूसरे विद्यालय से संबद्ध किया जा रहा है। भोजन माता भी बेरोजगार हो गई है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रोटला में कुल छात्र थे। दो छात्र पांच पास होने और एक छात्र दूसरी जगह शिफ्ट होने से से यह स्कूल भी बंद हो गया है।
जिले में अभी तक छात्रसंख्या शून्य होने से आठ प्राइमरी और दो जूनियर हाईस्कूल बंद चल रहे थे। अब बंद प्राइमरी स्कूलों की संख्या आठ से बढ़कर दस हो गई है। इस माह अब तक हुए प्रवेशोत्सव में चंपावत जिले में कुल 3957 नए छात्र-छात्राओं का प्रवेश हुआ। मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने बताया कि जिले में प्राथमिक स्तर पर 1447, जूनियर हाईस्कूल स्तर पर 1199 और माध्यमिक स्तर पर 1311 नए छात्रों के नामांकन हुआ है।
कोट
छात्र संख्या शून्य होने के चलते चंपावत जिले के दो राजकीय प्राथमिक विद्यालय इस सत्र से बंद हो गए हैं। इन स्कूलों के शिक्षकों को जरूरत के मुताबिक दूसरी जगह संबद्ध किया गया है। अलबत्ता इन गांवों में स्कूल जाने की उम्र का फिलहाल कोई बच्चा नहीं है। - सत्यनारायण, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) चंपावत।
प्रवेशोत्सव में विकासखंड वार हुए दाखिले
चंपावत: 1210
लोहाघाट:1157
पाटी: 1001
बाराकोट: 589