चंपावत। कोतवाली पुलिस ने ढाबे में अवैध रूप से शराब पिलाने के आरोप में दो ढाबा संचालकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों के पास से 22 बोतल अंग्रेजी और देसी शराब बरामद की।
कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने चंपावत टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धौन में स्थित एक ढाबा संचालक किशन सिंह निवासी ग्राम दिगालीचौड़ लोगों को ढाबे में अवैध रूप से शराब पिलाते हुए पकड़ लिया। पुलिस ने किशन सिंह से चार बोतल अंग्रेेजी शराब और एक बोेतल देसी शराब बरामद की। इसके अलावा दूसरे ढाबा संचालक सुरेश जोशी निवासी ख्याली, पुलहिंडोला से 17 बोतल देसी शराब बरामद की। दोनों आरोपियों गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस टीम में उप निरीक्षक पिंकी धामी, सुरजीत राणा और राकेश सिंह आदि शामिल थे। संवाद
देशी शराब की 24 बोतलों के साथ एक को दबोचा
लोहाघाट (चंपावत)। पुलिस ने बनगांव निवासी एक व्यक्ति को अवैध देशी शराब के साथ दबोचा है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसओ मनीष खत्री ने बताया कि लोहाघाट पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी के विरूद्ध अभियान संचालित किया था। एसओ ने बताया कि चैकिंग के दौरान बलांई पुल के पास अभियुक्त सतीश चंद्र गडक़ोटी निवासी बनगांव के कब्जे से 24 बोतल देशी मसालेदार शराब पिकनीक मार्का बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ 60 आबकारी अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस टीम में एसआई हेमंत कठैत, ललित रावल, राम लाल शामिल थे। संवाद
आबकारी विभाग ने महिला से पकड़ी 80 पाउच कच्ची शराब
बनबसा (चंपावत)। आबकारी निरीक्षक पीएस कन्याल के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने सोमवार सुबह करीब छह बजे मीना बाजार लाइन पार क्षेत्र की चेकिंग की। इस दौरान स्थानीय निवासी साहिलू देवी के कब्जे से 80 पाउच कच्ची शराब बरामद हुई। इसलिए उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत कार्रवाई की गई। आबकारी विभाग की टीम ने रविवार को भी 90 पाउच कच्ची शराब के पकड़ी थी। इस टीम में आबकारी उपनिरीक्षक जेबी सिंह, एचसी महेश पंत, कांस्टेबल नितेश भारद्वाज, गार्गी राघव आदि थे। बताया कि तस्कर खटीमा थाना क्षेत्र के ग्राम चकरपुर, आलाविरदी से कच्ची शराब लाकर बनबसा एवं टनकपुर के गांवों तक पहुंचा रहे हैं। इनकी धरपकड़ की जा रही है। संवाद