चंपावत। कोरोना के चलते अब उत्तराखंड में विवाह या अन्य सार्वजनिक आयोजन में अधिकतम 25 लोग ही शामिल हो सकेंगे। संख्या कम करने के साथ ही सावधानी बढ़ा कर कोरोना के संक्रमण रोकने में मदद मिलेगी। लेकिन कोरोना के चलते यहां जिले में नगर निकायों के बरातघरों की बुकिंग पर मार पड़ रही है। लोहाघाट में मई माह में दो बुकिंग निरस्त हो चुकी हैं, तो चंपावत में इस माह फिलहाल एक भी बुकिंग नहीं हुई है। इससे नगर निकायों को खासी चपत लग रही है।
चंपावत नगर पालिका का रैनबसेरा बरातघर के रूप में भी उपयोग में आता है। खासी किफायती (सिर्फ दस हजार रुपये प्रतिदिन) की दर से किराये पर दिए जाने वाले बरातघर में मई में एक भी बरात की बुकिंग नहीं हुई है, जबकि अप्रैल में छह बरातें हुई थीं। अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि पिछले साल कोरोना काल में चंपावत में नौ बरातें निरस्त हुई थी। इससे पालिका को 90 हजार रुपये का नुकसान हुआ था।
इसके विपरीत लोहाघाट नगर पंचायत के बरातघर में कई बरातों की बुकिंग निरस्त हो गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा का कहना है कि मई की आठ बुकिंग में से अभी तक दो बुकिंग निरस्त हो चुकी है। इस बरातघर में एक दिन की बरात का 12 हजार और दो दिन का 20 हजार रुपये किराया है। कोरोना काल में हर बरात से पूर्व बरातघर को विशेष सफाई और सैनिटाइज किया जा रहा है। अध्यक्ष का कहना है कि बुकिंग निरस्त होने से नगर पंचायत की आमदनी प्रभावित हो रही है।
अब बरातों में नहीं बजेगा बैंड और न दिखेंगे छोलिया दल
पिथौरागढ़। प्रदेश में बढ़ती कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद सीमांत जिले में शादियों में बैंड और छोलिया दलों को अनुमति नहीं होगी। लोग अपनी बरातों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच नाच गाने से वंचित हो जाएंगे। डीएम आनंद स्वरूप ने बताया कि देश के विभिन्न प्रदेशों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बढ़ती जा रही है। राज्य के भीतर कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम को प्राप्त निर्देशानुसार जिले में समस्त सामाजिक आयोजनों और विवाह समारोह इत्यादि में 25 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति है। विवाह आयोजन में बैंड, छोलिया नर्तक की अनुमति नहीं होगी। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों, थानाध्यक्षों आदि को कड़ाई से नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय के बाद शादी समारोह में बैंड और छोलिया नृत्य कर साल भर जीवनयापन करने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। (संवाद)