ढाई लाख रुपये बीघा के हिसाब से बेची सरकारी जमीन
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एक ओर यूपी सिंचाई विभाग का शारदा हेडवर्क्स अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने को अभियान चला रहा है, जबकि दूसरी ओर शारदा हेडवर्क्स के अधिकार वाली भूमि (पंपापुर में) ढाई लाख रुपये बीघा के हिसाब से बेची जा रही है।
करीब सवा एकड़ इस भूमि पर ब्रिटिशकाल से सरकारी नाला दर्ज है, जिसके बंद होने और मिट्टी भरान करने से बरसात के दौरान क्षेत्र में बाढ़ की आशंका बनेगी। बेची गई करीब तीन बीघा की इस सरकारी नाले वाली भूमि पर बीते दिवस जेसीबी और ट्रैक्टर से समतल करने की कार्रवाई की गई है।
अतिक्रमण के लिहाज से बनबसा खासा संवेदनशील क्षेत्र है। राज्य गठन के बाद इधर-उधर से आए लोगों ने बनबसा को अतिक्रमण का गढ़ बना दिया है। सरकारी भूमि के अलावा वन भूमि, एनएचएआई किनारे, राजस्व विभाग की भूमि पर धड़ल्ले से अतिक्रमण किए जा रहे हैं। ऐसे ही एक अतिक्रमण का खुलासा हुआ है, जिसमें एक अतिक्रमणकारी ने सरकारी ब्रिटिशकाल के नाले वाली भूमि को ढाई लाख रुपये बीघा की दर से अन्य व्यक्ति को बेच दिया है।
यही नहीं बीते दिवस सरकारी नाले वाली भूमि पर बिना अनुमति के जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से समतलीकरण भी किया गया। इस कार्य में एक खनन माफिया के ट्रैक्टर का उपयोग भी किया गया है। उधर, शारदा हेडवर्क्स के शीशपाल मोहन लाल ने अपने अधिकारियों को उक्त भूमि की खरीद-फरोख्त की जानकारी दे दी है। एसडीओ बीएस यादव ने अपने मातहतों को जांच के आदेश दिए हैं। कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। शारदा हेडवर्क्स के जिलेदार परमानंद पंत ने उक्त बेची गई सरकारी भूमि को वन विभाग की होना बताया है।