चंपावत। चंपावत जिला बने 19 साल पूरे हो गए हैं, मगर जिले का ब्लड बैंक का सपना पूरा नहीं हो सका है। इसे लेकर शनिवार को नगर पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला। ब्लड बैंक का जल्द संचालन की मांग की गई।
बाद में प्रशासन के माध्यम से गवर्नर को ज्ञापन भी भेजा गया। चेयरमैन तिवारी का कहना है कि ब्लड बैंक भवन बनने के बावजूद इसका संचालन न होना गंभीर बात है। इससे मरीजों के प्रति खिलवाड़ हो रहा है। न ऑपरेशन हो पा रहे हैं, और न ही वक्त पर खून मिल पा रहा है।
पिछले साल राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बिजेंद्र जैन ने यहां के दौरे के दौरान इसके संचालन की हिदायत थी। इसके बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई। ब्लड बैंक न होने से यहां के लोगों को नाजुक मौके पर खून पाने के लिए पसीना बहाना पड़ता है। कम से कम 150 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है, जबकि जिला अस्पताल में करीब चार साल पहले 22.90 लाख रुपये लागत का ब्लड बैंक भवन बन गया था।
मगर इसके आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है। ज्ञापन में दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष नवीन तड़ागी, सभासद नंदन तड़ागी, कैलाश अधिकारी, डॉ. बीसी जोशी, प्रदीप भट्ट, प्रकाशनाथ, मोहन भट्ट, संजीव जोशी, ललित जोशी, हरीश भट्ट, गौरव पांडेय, कमल सिंह, गिरीश पांडेय आदि के हस्ताक्षर हैं।
चंपावत। अक्तूबर 2012 से संचालित जिला अस्पताल के हाल भी बहुत ठीक नहीं है। यहां फिजीशियन, ईएनटी, गायनोकोलोजिस्ट सहित अधिकतर विशेषज्ञ डॉक्टर्स के पद खाली हैं। इसका नुकसान मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। चेयरमैन प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में डीएम से मिले प्रतिनिधिमंडल ने इस मसले को भी उठाया।