13 अक्तूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र के मद्देनजर प्रशासन मां पूर्णागिरि धाम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है। जगह-जगह मलबे से पटे पूर्णागिरि मार्ग को खोलने की तैयारी शुरू कर दी है।
बरसात में मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग बाटनागाड़ में तीन माह से बंद पड़ा है। ठुलीगाड़ पुल के पास भी मलबा आने से मार्ग के बुरे हाल में है। काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक पैदल मार्ग, रैलिंग और टीनशेड कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। मानसून के विदा होने के बाद प्रशासन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गया है। चार दिनों से जेसीबी लगाकर बाटनागाड़ का मलबा हटाकर मार्ग खोल दिया गया है।
वहीं लोनिवि की टीम भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत में जुटी है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने कार्यदायी एजेंसी को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि आपदा मद में मिले बजट से व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही है। शारदीय नवरात्र शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ली जाएंगी।
पेयजल लाइन की मरम्मत का काम नहीं हुआ शुरू
एसडीएम के निर्देश के बाद भी जलसंस्थान मां पूर्णागिरि धाम की ध्वस्त पड़ी पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम शुरू नहीं किया है। भवानी गाड़ पेयजल योजना की लाइन मरम्मत के लिए विभाग ने सामान तो मौके पर पहुंचा दिया है, लेकिन मरम्मत शुरू नहीं की है। पूर्णागिरि व्यापार मंडल अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने विभागीय लापरवाही पर रोष जताते हुए धाम की जलापूर्ति व्यवस्था जल्द सुचारु नहीं करने पर आंदोलन की धमकी दी है।
एसडीएम और सीओ आज जाएंगे पूर्णागिरि
एसडीएम नरेश दुर्गापाल, सीओ रंजन सिंह रौतेला शुक्रवार को व्यवस्थाएं संबंधित अधिकारियों के साथ मां पूर्णागिरि धाम का दौरा करेंगे और मरम्मत कार्य का निरीक्षण करेंगे।