ट्रैक्टर-ट्रॉली और शक्तिमान ट्रक मालिकों के बीच उपजे विवाद के बाद प्रशासन ने बृहस्पतिवार रात से नगर में धारा-144 लगा दी है। वहीं, ट्रैक्टर-ट्रॉली का पंजीकरण नहीं करने को लेकर शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन ने शारदा नदी से चौथे दिन भी खनन निकासी ठप रही और क्रमिक धरने पर बैठे रहे। इधर, देर शाम विधायक के समझाने पर शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारी शनिवार से खनन निकासी कार्य शुरू कराने को राजी हो गए।
सीओ राजन सिंह रौतेला ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली और शक्तिमान ट्रक मालिकों के बीच उपजे विवाद से क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, इसी के तहत बृहस्पतिवार रात से नगर में धारा-144 लगाई गई है। इस दौरान किसी भी तरह की सभा आदि करने पर मनाही रहेगी। उधर, ट्रैक्टर-ट्राली और शक्तिमान ट्रक स्वामियों के बीच उपजे विवाद के हल के लिए प्रशासन ने तहसील सभागार में बैठक बुलाई, इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली के स्वामी शामिल नहीं हुए। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने शक्तिमान ट्रक यूनियन पदाधिकारियों को बताया कि हाइकोर्ट के आदेश के अनुपालन में ही डीएम ने वन विकास निगम के खनन विभाग को ट्रैक्टर-ट्रालियों के पंजीकरण के आदेश दिए हैं। इस दौरान शक्तिमान ट्रक यूनियन के जीडी खुल्लर, कमल गुप्ता, योगेश जोशी, अशोक मुरारी, शंकर पाल, जगदीश सिंह बिष्ट के अलावा एसडीएम एके चन्याल, एआरटीओ वीके सिंह, वन विकास निगम खनन इकाई के डीएलएम हरीश पाल आदि मौजूद थे।
वहीं, शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगी ज्याल ने बताया कि विधायक कैलाश गहतोड़ी से हुई वार्ता के बाद उनके प्रतिनिधि के तौर पर दीपक पाठक और पूर्व चेयरमैन हर्षवर्धन सिंह रावत ने मौके पर पहुंचकर ट्रक स्वामियों को समझाया। इस पर ट्रक स्वामी मान गए और शनिवार से विधिवत खनन निकासी शुरू की जाएगी। उन्होंने क्रमिक धरना भी समाप्त कर दिया है। ज्याल ने बताया कि विधायक प्रतिनिधियों के साथ हुई वार्ता में सहमति बनी कि रोड़ी-बजरी ट्रैक्टर वाले निकालेंगे और पत्थर, रेता ट्रक वाले निकालेंगे, जबकि ट्रैक्टर यूनियन के अध्यक्ष चंदन सिंह महर ने बताया कि उनका कोई समझौता नहीं हुआ है, वह नियमानुसार पंजीकरण कराकर खनन कार्य करेंगे।