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पेड़ की चपेट में आने से एक नेपाली की मौत

Fri, 01 May 2015 06:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंपावत
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बृहस्पतिवार रात को आए जबर्दस्त अंधड़ ने तबाही मचाई। आकाशीय बिजली और अंधड़ से जिलेभर में 210 कच्चे-पक्के मकानों को खासा नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान बनबसा क्षेत्र में हुआ। पेड़ गिरने से चमदेवल के चमू देव मंदिर की दीवार को नुकसान पहुंचा है। अलबत्ता मूल मंदिर सुरक्षित है। 150 से ज्यादा पेड़ जमींदोज हो गए हैं। बनबसा में एसएसबी के तीन जवान चोटिल हो गए। एसएसबी की गढ़ीगोठ चेकपोस्ट और धनुष पुल बार्डर आउटपोस्ट (बीओपी) में बैरक क्षतिग्रस्त हुई है। बनबसा से लगे नेपाल के चांदनी में पेड़ की चपेट में आने से एक नेपाली शख्स की मौत हो गई है। बनबसा में आम और लीची की फसल तबाह हो गई है। अमोड़ी के पास पेड़ गिरने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग करीब एक घंटे बंद रहा।
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गढ़ीगोठ बीओपी में पेड़ गिरने से एसएसबी के तीन जवान रवि कुमार, सनी और प्रभाकरन गंभीर रूप से घायल हो गए। उप सेनानायक एचबी मोहंती ने बताया कि सिर में चोट के कारण रवि कुमार को रेफर किया गया है। शौच को गए चांदनी निवासी नेपाली राम बहादुर (50) की शौचालय की छत पर पेड़ गिरने से मौत हो गई।

बनबसा के गुदमी, देवीपुरा, भैंसाझाला, गढ़ीगोठ गांव के अलावा जिले के कई हिस्सों में 210 से ज्यादा लोगों के झाले और टिनशैड क्षतिग्रस्त हुए हैं।150 घरों और गौशालाओं में आंशिक क्षति हुई है। गढ़ीगोठ में ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रात काटने को मजबूर हुए। मझगांव में दो गाय और देवीपुरा में दो बैल पेड़ गिरने से हताहत हुए हैं। विष्णुपुरी कालोनी और तल्ली छीनीगोठ में पेड़ों के गिरने से एक-एक ग्रामीण के गौशाले ध्वस्त हुए हैं। ग्रामीणों का घरेलू सामान और अनाज भीगने से खराब हुआ है।
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चंपावत, पाटी ब्लाक में देवीधुरा और भिंगराड़ा में चीड़ के सैकड़ों पेड़ धराशायी हुए हैं। जगह-जगह पेड़ और टहनियों के गिरने से 33 हजार और 11 हजार केवीए की विद्युत लाइने क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इंजीनियर परमिंदर सिंह ने बताया कि फागपुर, पंपापुर, गढ़ीगोठ, मझगांव में 33 हजार केवीए की लाइनें पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हुई हैं। 16 बिजली पोल और दो ट्रांसफार्मर टूट गए हैं। चमदेवल में ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता ने राजस्व निरीक्ष सुरेंद्र राम के साथ गांव की स्थिति का जायजा लिया।

बनबसा में आम की फसल चौपट
चंपावत/बनबसा। अंधड़ से बागवानी को खासा नुकसान हुआ है। बनबसा और टनकपुर क्षेत्र में आम की फसल बुरी तरह नष्ट हुई है। यहां सैकड़ों पेड़ों में फसल तबाह हो गए हैं। चंपावत, बाराकोट में भी बागवानी पर असर पड़ा है। तहसीलदार हर सिंह रजवार ने बगीचों का निरीक्षण कर नुकसान की पुष्टि की है। अंधड़ से कृषि और बागवानी पूरी तरह से चौपट हो गई है। पूर्व ग्राम प्रधान खीमानंद गड़कोटी के अनुसार दुर्गानगर के कुबेर गार्डन और साल टांण क्षेत्र में भी 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। डीएचओ एचसी तिवारी का कहना है कि नुकसान के सर्वे का पता लगाया जा रहा है।
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