जिला मुख्यालय की वन पंचायत पुनेठी में अवैध कटान किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंच कर प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस संबंध में अपर जिलाधिकारी टीएस मर्तोलिया को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने वन विभाग पर वन पंचायत को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
पुनेठी वन पंचायत सरपंच किशोर कुमार बिष्ट के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग की ओर से बारहमासी सड़क निर्माण में पुनेठी वन पंचायत में वन निगम के माध्यम से पेड़ों का अवैध कटान किया जा रहा है।
वन विभाग की ओर से पेड़ों के कटान की जानकारी वन पंचायत को नहीं दी गई है। कहा कि वन पंचायत पुनेठी के हकदारों के कई सारे पेड़ छपान के लिए आवेदन विभाग में लंबित हैं। सरपंच का कहना था कि वन पंचायत में सड़क के आसपास आने वाले पेड़ों का छपान वन पंचायत पुनेठी के हकदारों के नाम किया जाए।
प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में ज्ञान सिंह, अजय चौधरी, हरीश बोहरा, महेश सिंह, विनोद सिंह, प्रकाश सिंह, पुष्कर सिंह, ईश्वर सिंह, त्रिलोक सिंह, कैलाश सिंह, लक्ष्मी दत्त सहित तमाम ग्रामीण शामिल रहे।
पंचायत को एक साल में मिल चुके हैं 51 पेड़
चंपावत। पुनेठी वन पंचायत के सरपंच किशोर कुमार बिष्ट का कहना है कि वन पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव डुंगरासेठी, डड़ा, पुनेठी, मांदली आदि को पेड़ों की जरूरत होने के चलते वन निगम को पेड़ों को न देने का वन विभाग से पहले ही आग्रह किया था मगर काफी बड़े क्षेत्रफल वाली वन पंचायत की इस मांग को वन विभाग ने ठुकरा दिया। वैसे वन पंचायत को पिछले साल जुलाई से अब तक दो बार में कुल 51 पेड़ दिए जा चुके हैं।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे के पेड़ों को अब विशेष परिस्थितियों में ही वन पंचायतों को दिया जाएगा। पेड़ न देने पर उसके स्थान पर वन विभाग 80 प्रतिशत रॉयल्टी वन पंचायत के कोष में डालता है जिससे संबंधित वन पंचायत क्षेत्र का ही विकास होता है।
कुबेर सिंह बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी, चंपावत।