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टनकपुर से लीसा डिपो तक यातायात बहाल

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उत्तराखंड के चंपावत जिले में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतोली के पास आए मलबे को ह? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। लगातार बारिश से राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। झालाकुड़ी, धौन, स्वांला, भारतोली, लीसा डिपो आदि हिस्सों पर आए भारी मलबे से एनएच पर रविवार को आवागमन शाम चार बजे तक बंद रहा। अब भी टनकपुर से लीसा डिपो (घाट से छह किमी पूर्व) तक ही खुल सकी है। मार्ग बंद होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। आवाजाही सुचारु होने के बावजूद इस राजमार्ग पर जोखिम बना हुआ है। वहीं चंपावत के 44 ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी बंद हैं। इनमें से 11 मार्ग दो दिन से बंद है। इससे 117 गांवों की आवाजाही से लेकर आम जनजीवन पर असर पड़ा है।
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एनएच पर टनकपुर-चंपावत के बीच तीनों जगहों से मलबा हटाकर आवाजाही को सुबह 11 बजे सुचारु किया गया, लेकिन चंपावत से घाट के बीच आए भारी मलबे को हटाना बेहद दुष्कर रहा। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि भारतोली और लीसा डिपो तक के मलबे को साफ कर लिया गया है। घाट की तरफ का मलबा सोमवार सुबह तक हटाने का दावा किया गया है।
दो दिन तक गुरुद्वारे में फंसे रहे 230 तीर्थ यात्री
रीठा साहिब (चंपावत)। ग्रामीण सड़कें बंद होने का खामियाजा रीठा साहिब गुरुद्वारे आए 230 तीर्थयात्रियों को भी भुगतना पड़ा। यूपी, पंजाब, दिल्ली कई जगहों से गुरु दरबार में मत्था टेकने आए इन श्रद्धालुओं की राह को दो दिन तक भारी बारिश और बंद मार्ग ने रोक दिया। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने बताया कि सभी तीर्थयात्री इस दौरान गुरुद्वारे परिसर में ही रहे। रविवार को कुछ मार्ग खुलने से ये तीर्थयात्री रवाना हो गए। इस दौरान पीएलवी भुवन राम और हयात राम ने तीर्थयात्रियों की सेवा की। (संवाद)
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तड़ीगाव में मछली का तालाब ध्वस्त, 800 मछलियां बहीं
चंपावत/लोहाघाट/पाटी। भारी बारिश से लोहावती से लेकर लधिया नदी उफान पर है। बाराकोट ब्लॉक के तड़ीगांव के सुंदर राम का मछली तालाब ध्वस्त हो गया। इसमें करीब 800 मछलियां बह गईं। वालिक बैरियर के पास सड़क का कलवर्ट क्षतिग्रस्त हो गया है। नौलियागांव प्राइमरी स्कूल में खिड़की से कमरों के भीतर मलबा आने से दरार पड़ गई है। एसएमसी अध्यक्ष राजू नौलिया ने शिक्षा विभाग को नुकसान की जानकारी दी है। वहीं रियासीबमगन गांव, सीम आदि में नदी के उफान में आने से गांवों को खतरा हो गया है।
बारिश से पूल्ड आवास के आसपास का मकान खतरे में आ गया है। इसी तरह धरसौं ग्राम पंचायत में रमेश राम का मकान भूकटाव की चपेट में है। इस परिवार को रात दूसरे घर में काटनी पड़ी। पीएलवी भुवन राम ने खतरे की सूचना आपदा प्रबंधन विभाग को देकर तत्काल मदद मांगी। बरौला ग्राम में नारायण दत्त पचौली के मकान भी खतरे की जद में आ गया है। कई जगह गोशालाएं, मछली तालाब, रसोई, खेत, सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। डुंगरी फर्त्याल गांव में प्रकाश राम की गोशाला में मलबा आने से भैंस और बकरी मर गई। पेड़ गिरने से बुुंगा फर्त्याल के मुकेश आर्या की गोशाला, थुवामौनी के मदन राम और रघुवर राम के आंगन की क्षतिग्रस्त हो गई। कूंण चखड़िया में मलबा आने से नवीन गिरी की रसोई ध्वस्त हो गई। एसडीएम आरसी गौतम का कहना है कि नुकसान का जायजा लेने के लिए टीम भेजी जा रही है।
चंपावत जिले में बारिश का आंकड़ा
चंपावत 88 मिमी
लोहाघाट 79 मिमी
पाटी 55 मिमी
टनकपुर-बनबसा 23 मिमी
चंपावत जिले की बंद 44 ग्रामीण सड़कें
चंपावत-मंच-तामली, चंपावत-खेतीखान, धूनाघाट-भिंगराड़ा-रीठा साहिब, रीठा-तलाड़ी, ललुवापानी-बनलेख, गौड़ी-किमतोली, धौन-दियूरी, रीठा-बिनवालगांव, पुनाबे-सिप्टी-न्याड़ी, ज्योस्यूड़ा-निलौटी, टाकखंदक-करौली, गल्लागांव-देवलीमाफी, चमदेवल-जाख-गजीना, रीठाखाल-मनटांडे, चौमेल मऊ-सील बरूड़ी, बैड़ा-लुवाकोट, क्वारखोली-पम्दा, खिलपति-अखिलतारिणी मंदिर, ढटीगांव-सिमलटुकरा, लोहाघाट-बाराकोट-सिमलखेत मोटर मार्ग से डूंगरालेख, जीआईसी लोहाघाट-मरोड़ाखान, किमतोली-रौसाल-बिंडातिवारी, मरोड़ाखान पाटन-गलचौड़ा, पटनगांव-कजीना पुनौली, पनिया-रीठाखाल, तिमलागूंठ-पीपलढींग, सांगो-बिगराकोट, धौन-सल्ली, अमोड़ी-छतकोट, एसएस 29 से खटोली मल्ली, मंच-नीड़, मडलक पांडेय-सेलपेड, चंपावत-खर्ककार्की-मुडिय़ानी, नरसिंहडांडा-गुरेली, धौन-द्यूरी से बजौन, स्याला-पोथ, खटोली मल्ली-वैला, सिप्टी-अमकड़िया, मंच-दुबड़जैनल, धौन-बड़ौली मोटर मार्ग, रीठा-रमक, सांगा-पनिया-रीठाखाल-कानाकोट, बाराकोट-कोठेरा, चौड़ापिता-परेवा और बाराकोट-मिर्तोली मोटर मार्ग।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरा मलबा।- फोटो : CHAMPAWAT

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