नंधौर अभयारण्य टनकपुर का ककरालीगेट प्रवेश द्वार।
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नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के गेट जंगल सफारी के लिए खुल गए हैं लेकिन अब तक कोई भी पर्यटक जंगल सफारी के लिए नहीं पहुंचा है। इसकी मुख्य वजह भले ही कुछ हो लेकिन अभयारण्य के रास्तों को अब तक दुरुस्त नहीं किया जाना भी इसका एक कारण माना जा रहा है।
क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी की पहल पर वर्ष 2017 मेें वन विभाग ने टनकपुर के ककरालीगेट से भी नंधौर अभयारण्य में जंगल सफारी शुरू की। बीत दो सालों में अभयारण्य के टनकपुर गेट से 32 विदेशी और 208 देसी पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया था। इस बार भी वन विभाग ने बीते 15 नवंबर से अभयारण्य के गेट जंगल सफारी के लिए खोल दिए हैं लेकिन इन 24 दिनों में अब तक एक भी पर्यटक जंगल सफारी का लुत्फ लेने नहीं पहुंचा है।
अभयारण्य के निदेशक डिप्टी रेंजर कैलाश गुणवंत ने बताया कि अभयारण्य में पर्यटकों के इन और आउट के लिए इस बार ककरालीगेट के साथ ही खटीमा रेंज के चकरपुर के वन चौकी गेट को भी खोला गया है। उन्होंने बताया कि अभयारण्य में जंगल सफारी के रास्ते को दुरुस्त करने के लिए मंडी समिति की रुद्रपुर निर्माण इकाई को काफी पहले धन अवमुक्त किया जा चुका है लेकिन अब तक मार्ग बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मार्ग की मौजूदा स्थिति भी जिप्सी से जंगल सफारी के लिए अनुकूल है।