श्यामलाताल क्षेत्र में पर्यटन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत गुमनामी का दंश झेल रही श्यामलाताल झील का जीर्णोद्धार करने के साथ पर्यटकों को यहां आने के लिए लुभाने को बड़े वाहनों के लिए रिंग रोड, पर्यटकों के लिए पैदल रोड और बाइकिंग रोड का निर्माण किया जाएगा।
इस संबंध में सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग और उद्यान विभाग की ओर से नियुक्त कंसलटेंट एजेंसी आईपी ग्लोबल की ओर से कार्ययोजना का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि सिंचाई विभाग को श्यामलाताल झील की मरम्मत कर उसे आकर्षक तरीके से सजाने और तीन माह के भीतर झील में वोटिंग शुरू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया कि संबंधित कंसलटेंट एजेंसी की ओर से करीब डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली श्यामलाताल झील के चारों ओर बड़े वाहनों के लिए रिंग रोड, पैदल रोड और बाइकिंग रोड के साथ व्यू पाइंट, लगभग 15 किमी का ट्रैक रूट, वाटर स्पोर्ट्स, हर्बल गार्डन, जंगल कैंपिंग, वर्ल्ड वॉचिंग, टेलीमेडिसिन सेंटर खोलने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
क्षेत्र के 12 लोगों को मिलेगा होम स्टे का प्रशिक्षण
चंपावत। डीएम एसएन पांडेय के अनुसार श्यामलाताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए स्थानीय 12 लोगों को होम स्टे योजना का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पर्यटन अधिकारी को होम स्टे के लिए आवेदन करने वाले ग्रामीणों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं।
ईको टूरिस्ट हाउस बनाएगा वन विभाग
चंपावत। श्यामलाताल क्षेत्र में स्थित वन विभाग के डाक बंगलों का आधुनिकीकरण किया जाएगा तथा विभाग मल्टी परपज ईको टूरिस्ट हाउस का निर्माण करेगा। एडीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि वन विभाग को ईको टूरिस्ट हाउस बनाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।