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मोबाइल टार्च के उजाले से हुआ इलाज

Sat, 11 Jun 2016 10:33 PM IST
हयात राम, श्रीरीठा साहिब/चंपावत।
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मोबाइल टार्च के उजाले से हुआ इलाज - फोटो : अमर उजाला
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वक्त पर खून नहीं मिलने से चंपावत में 7 मई को बेटी को जन्म देने के बाद दीपा पांडेय की मौत हो गई। तीन दिन बाद 10 मई को जिला मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर श्रीरीठा साहिब के पास गागरी में बारात की कार हादसे में घायलों को इलाज मिलने में हुई असुविधा ने जिले की स्वास्थ्य सेवा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है।
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हादसे में घायल एक व्यक्ति की लोहाघाट पहुंचने से पहले मौत हो गई। अगर अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त होती, तो शायद उसकी जान बच जाती। श्रीरीठा साहिब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोनों एलोपैथिक डॉक्टरों में से एक भी मौजूद नहीं। उजाले के लिए मोबाइल टार्च का सहारा लेकर इलाज किया गया।

लधिया घाटी के सबसे महत्वपूर्ण अस्पताल श्रीरीठा साहिब की इमारत में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत लगी है, लेकिन शुक्रवार शाम को हुए हादसे के घायलों के इलाज के वक्त यह अस्पताल फेल रहा। यहां तक कि फार्मेसिस्ट दीपक गिरि गोस्वामी को पर्याप्त उजाला नहीं होने के चलते इलाज करने के लिए मोबाइल टार्च तक का सहारा लेना पड़ा।
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अस्पताल में दो एलोपैथिक डॉक्टर संविदा पर तैनात हैं, लेकिन हादसे वाले दिन एक भी मौजूद नहीं। डा.अपूर्वा रौतेला 30 मई को ज्वाइन करने के एक दिन बाद से श्रीरीठा साहिब से 97 किमी दूर स्वांला संबद्ध कर दी गई हैं। वहीं दूसरी संविदा डा.विदुषी शर्मा 31 मई को ज्वाइन करने के बाद से दोबारा अस्पताल नहीं आईं। एएनएम, वार्डब्वाय, स्वच्छक के पद खाली हैं। अस्पताल की जिम्मेदारी एकमात्र फार्मेसिस्ट दीपक गिरि गोस्वामी पर है। हादसे वाले दिन घायलों का उन्होंने ही अकेले इलाज किया।

एक संविदा डॉक्टर को स्वांला अटैच किया गया है, जबकि दूसरी संविदा डॉक्टर ज्वाइन करने के बाद से लापता है। अनुपस्थित डॉक्टर का वेतन रोका जाएगा। वहीं स्वांला में व्यवस्था होने के बाद अटैचमेंट खत्म किया जाएगा। -डा.विनोद टोलिया, सीएमओ, चंपावत।

मंगलवार से आंदोलन करेंगे श्रीरीठा के लोग
लोहाघाट (चंपावत)। श्रीरीठा साहिब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए अब लधिया घाटी के लोग मुखर हो गए हैं। उन्होंने अस्पताल में शीघ्र स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला पंचायत भोला सिंह बोहरा के अनुसार डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर सोमवार को डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। तत्काल डॉक्टर की नियुक्ति नहीं करने पर क्षेत्रीय लोगों को साथ लेकर मंगलवार से कलक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू किया जाएगा।
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