दस हजार लीटर क्षमता की दुग्ध पैकिंग मशीन और दुग्धशाला का विधायक हेमेश खर्कवाल ने लोकार्पण किया। 161.89 लाख रुपए की लागत की मशीन लगाई गई है। विधायक ने कहा कि पैकिंग मशीन से लोगों को आंचल का शुद्ध पैकेट दूध आसानी से मिल सकेगा। उन्होंने नई तकनीक का उपयोग कर अपनी आमदनी बढ़ाने का दुग्ध उत्पादकों से आह्वान किया।
डीएम डा.अहमद इकबाल, उत्तराखंड दुग्ध संघ अध्यक्ष संजय किरौला, डेरी फेडरेशन अध्यक्ष अर्जुन रौतेला, दुग्ध संघ चंपावत के अध्यक्ष अमर सिंह कोटियाल, प्रबंधक राजेश मेहता ने दूध उत्पादन में बढ़ोत्तरी के लिए विभागीय प्रयासों की जानकारी दी।
बाद में वार्षिक महासभा (एजीएम) में कई निर्णय लिए गए।
तय किया गया कि बृहस्पतिवार से पैकिंग दूध की बिक्री शुरू की जाएगी। साथ ही पशु आहार अनुदान को भी शुरू कर दिया गया है। इसके अंतर्गत दुग्ध उत्पादक को प्रति किलो चार रुपए का अनुदान दिया जाएगा। बताया गया कि मौजूदा वित्त वर्ष में 100 नई समितियों में डीपीएमयू स्थापित की जाएगी। एजीएम में यूसीडीएफ प्रबंधक दीप बिष्ट, उप निदेशक संजय उपाध्याय, यूएस नगर के प्रबंधक एचएस कुटोला, अल्मोड़ा के एनबी सनवाल, चंपावत के एडी निर्भय नारायण, सहायक प्रबंधक एनएस बोरा, दुग्ध संघ उपाध्यक्ष डा. कुंदन बोरा, सुधीर साह आदि मौजूद थे।
9 समितियां उम्दा काम पर हुईं सम्मानित
दुग्ध संघ ने अधिक दूध देने वाली 9 दुग्ध समितियों को सम्मानित किया। इन समितियों का दूध बेहतरीन गुणवत्ता वाला रहा। दुधपोखरा समिति के सचिव शंकर राम, पल्सों के कृष्णानंद जोशी, ललुवापानी के महेश चंद्र जोशी, चौड़ा राजपुरा के जगदीश चंद्र कलौनी, मोत्यूराज के मोहित मुरारी, पंडित बस्ती के कमलाकांत, लिस्ता के निर्मला पांडेय, देवीपुरा मझगांव के रमेश उप्रेती और बिसारी दुग्ध सहकारी समिति के सचिव नरेश पचौली को सम्मानित किया गया। वहीं पशु विकास राहत कोष से तीन लाभार्थियों ललुवापानी की शोभा देवी, राजेश्वरी देवी और गल्लागांव की दीपा देवी को 3500-3500 रुपए की सहायता दी गई।