लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भारत नेपाल सीमा का विभाजन करने वाली महाकाली नदी के तट पर नगरूघाट मेला आयोजित नहीं होगा। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से न तो ढोल दमाऊं बजाए जाएंगे, और न ही नेपाल से लोगों को यहां आने की अनुमति होगी।
अलबत्ता रविवार की देर शाम से भगवान नागार्जुन देवता के जत्थे नगररूघाट के लिए प्रस्थान करेंगे। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजन समिति ने प्रशासन से पुलिस व्यवस्था की मांग की है। महोत्सव समिति के अध्यक्ष जगदीश कलौनी, डॉ.सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते इस साल 29 नवंबर की रात्रि को नगरूघाट में मेला आयोजित नहीं होगा। रविवार को बगोटी, सल्टा और जमरसों से नागार्जुन देवता के देवरथ नगरूघाट के लिए प्रस्थान करेंगे। जिनमें प्रत्येक गांव से 10-10 लोग ही शामिल होंगे। साथ ही पासम, लेटी, डुमडाई, सुल्ला, मजपीपल, सुनकुरी, देवकूंड़ा गांवों के जत्थे सीमित लोगों के साथ जाकर देर रात तक मंदिर की परिक्रमा करेंगे। आयोजन में सचिव भुवन भट्ट, विक्रम सामंत, कमल बोहरा, रमेश चंद, बहादुर चंद, ब्रदी सिंह सौन, देव सिंह, दीनानाथ पांडेय, मोहन चंद, बाबू सिंह, पुष्कर बोहरा आदि सहयोग कर रहे हैं।