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Champawat News: तंबाकू- गुटखा नहीं तिमूर, स्वाद वहीं सेहत भी सही

Fri, 31 Mar 2023 11:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत के भुम्वाड़ी में अपने परिजनों के साथ तिमूर के पैकेट तैयार करते तुलसी प्रकाश।
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चंपावत। तंबाकू- गुटखा छोड़ने की बात तो सब करते हैं लेकिन लत की वजह से इसे छोड़ नहीं पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए औषधीय प्रजाति के तिमूर को तंबाकू, गुटखा के विकल्प के रूप में पेश किया गया है। इसके सेवन से स्वाद तो वही मिलेगा और सेहत को नुकसान के बजाय फायदा होगा। पाटी विकासखंड के भुम्वाड़ी निवासी प्रगतिशील किसान तुलसी प्रकाश के इस विकल्प को गुटखा और तंबाकू का सेवन करने वाले हाथों हाथ ले रहे हैं।

तिमूर कटीली झाडिय़ों वाली ऐसी वनस्पति है जिसमें काली मिर्च के आकार का फल पैदा होता है। आमतौर पर नवंबर- दिसंबर तक तिमूर के फल परिपक्व हो जाते हैं। तिमूर की लकड़ी दातुन के लिए बहुत उपयोगी होती है तथा इसकी पत्तियां अनाज के भंडारण में कीटनाशक के रूप में काम आती हैं। तिमूर के बीज का उपयोग नहीं किया जाता है। यह गुटखे की लत को छुड़ाने का सशक्त माध्यम भी है। संवाद
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तिमूर प्रकृति का ऐसा वरदान है जिसमें कई औषधीय गुण हैं। यह धीमा जहर के रूप में गुटखा खाने वालों के लिए तो किसी वरदान से कम नहीं है। इससे उन्हें नया स्वाद और नई जिंदगी मिलेगी। इसे नेचुरल माउथ फ्रेशनर कहते हैं। तिमूर खाने वालों को दांत दर्द की समस्या कभी नहीं होती।
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- डॉ. आलोक शुक्ला, जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी, चंपावत।


मसाले के रूप में भी होता है तिमूर का उपयोग
चंपावत। राजकीय पीजी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी ओली के अनुसार तिमूर का वानस्पतिक नाम जिंथोजाइलम आरमेटम है। यह मसाले के रूप में भी प्रयोग में लाया जाता है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों से इस बात की पुष्टि हुई है कि इसमें विभिन्न प्रकार के ऐसे तत्व हैं जिनमे एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेर्टी एवं एंटी बैक्टीरियल के गुण शामिल है। संवाद
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