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लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का ठग गिरफ्तार

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चंपावत। पुलिस ने मोबाइल टावर लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक ठग को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने साइबर सैल के सहयोग से आरोपी को हरिद्वार के नारसनकलां से हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया है।
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एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय के डड़ा बिष्ट निवासी ज्योति नेगी पत्नी गोविंद सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि कुछ समय पूर्व उसके भाई चेतन नेगी ने एक अखबार में 110 मोबाइल टावर लगवाने के संबंध में विज्ञापन देख कर उससे संपर्क किया था। इस पर आरोपी प्रदीप कुमार शर्मा निवासी हलुवा बस्ती उत्तर प्रदेश ने बताया कि मोबाइल टावर लगाने के लिए जमीन चाहिए। कहा कि यदि आप जमीन उपलब्ध कराएंगे तो आपको 45 लाख रुपये दिए जाएंगे, आप सुरक्षा धनराशि के नाम पर दो हजार रुपये जमा कर दें।
इस पर विश्वास करते हुए चेतन नेगी ने पहले दो हजार और बाद में अलग अलग खातों में पांच लाख 35 हजार 850 रुपये गूगल और फोन पे के माध्यम से जमा कर दिए। लेकिन रुपये जमा करने के बाद भी आरोपी ने न तो मोबाइल टावर ही लगाया और न ही लिए गए रुपये लौटाए। पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120 बी के तहत अभियोग पंजीकृत कर चल्थी चौकी प्रभारी हेमंत कठैत को विवेचना सौंपी गई। पुलिस और साइबर सैल ने फोन पे, गूगल पे के साथ ही संबंधित बैंकों की डिटेल के आधार पर आरोपी की पहचान सोनू (23) निवासी नारसनकला हरिद्वार के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे हरिद्वार जाकर हिरासत में ले लिया। एसपी ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस टीम में साइबर सैल प्रभारी हरपाल सिंह, अब्दुल मलिक, अजय शाही, सद्दाम हुसैन और भुवन पांडेय आदि शामिल रहे।
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सिक्योरिटी के नाम पर जमा कराता था रुपये
चंपावत। एसपी लोकेश्वर सिंह के अनुसार आरोपी स्थानीय स्तर पर मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फ्राड करने वाले गैंग का सदस्य है। यह गैंग लोगों को मोबाइल टावर लगाने के नाम पर मोटी रकम दिलाने का लालच देकर अपने विश्वास में लेता है तथा सिक्योरिटी के नाम पर लोगों से अलग-अलग खातों में रुपये जमा करवाते हैं। जब तक लोगों को फ्राड के बारे में समझ में आता है तब तक वह ठगों के खाते में लाखों रुपये जमा कर चुके होते हैं। (संवाद)
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