सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तहसीलदार ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तीन डॉक्टर गैर हाजिर मिले। इन डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
तहसीलदार डा.ललित मोहन तिवारी शनिवार को अचानक अस्पताल पहुंचे।
इस दौरान तीन डॉक्टर आशीष, डा.अजय एवं डा.अरुण मिश्रा गैर हाजिर मिले, जबकि एमएस के अलावा डा.वीके सिंह एवं डा.वर्षा रानी उपस्थित थे। अस्पताल में कुल 53 कर्मचारियों में से 31 कर्मी ही उपस्थिति दे पाए। रजिस्टर में 22 कर्मचारियों के हस्ताक्षर नहीं थे। तहसीलदार ने चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) डा.मंजीत सिंह से कर्मियों के हस्ताक्षर नहीं होने पर जवाब-तलब किया। एमएस ने बताया कि कुछ डॉक्टर और कर्मचारियों की ड्यूटी पूर्णागिरि मेले में और कुछ कर्मियों की नाइट ड्यूटी थी।
तहसीलदार ने एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कक्षों में लटके तालों का कारण पूछा। पद रिक्त होने की जानकारी मिलने पर तहसीलदार ने रिक्त पद नहीं भरे जाने तक मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि हर महीने की 10 तारीख को लोहाघाट में गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। तहसीलदार के नेतृत्व में औचक मुआयना करने वालों में राजस्व निरीक्षक केएस धौनी और राजस्व उप निरीक्षक जगदीश कुमार आदि थे।