चंपावत में मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग में मौजूद अधिकारी। संवाद
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि ग्रीष्मकाल में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए जनसहयोग से वृहद रूप में पौधारोपण करना होगा। इसके लिए इस वर्ष प्रत्येक परिवार दो पौधों का अवश्य रोपे।
शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कुमाऊं के सभी जिलों में ग्रीष्मकाल में पेयजल, बिजली समस्या के साथ ही मानसून पूर्व तैयारी की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को ऊर्जा संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि वर्तमान में जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली की समस्या नहीं है लेकिन ग्रीष्मकाल होने के कारण जिले के मैदानी क्षेत्रों टनकपुर बनबसा क्षेत्रों में ओवर लोडिंग के कारण बिजली बाधित हो जा रही है। इसके समाधान के लिए टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में अतिरिक्त फीडर बनाए जाने के लिए 67 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है।
जिले में अधिक पेयजल किल्लत वाले कुल 117 स्थान चिह्नित किए गए हैं इन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले में पेयजल किल्लत वाले ऐसे क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए 37 टैंकर लगाए गए है जिनसे पेयजल वितरित किया जा रहा है।
इसके अलावा जिले में कुल 780 हैंडपंप स्थापित हैं जो सभी संचालित हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर दीपक रावत, डीआईजी सहित मंडल के सभी जिलाधिकारी, विभिन्न विभागों के मंडलीय अधिकारी सहित चंपावत जिले से एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।