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Champawat News: ये बूढ़े बरगद सबको छाया देते हैं....

Sat, 30 Sep 2023 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत। 95 साल की उम्र कम नहीं होती। इस उम्र में लोग खुद अपने लिए बैसाखी मांगने लगते हैं। लेकिन उम्र के इस पड़ाव में त्रिलोक सिंह कई लोगों के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। चेहरे की झुर्रियां उनकी उम्र को बयां जरूर करती हैं लेकिन वह जोश और हिम्मत से लवरेज हैं। रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (आरपीएफ) से निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त त्रिलोक सिंह परिवार के मार्गदर्शक के साथ सामाजिक दायित्व भी निभा रहे हैं। वह किशोरों और नौजवानों को भविष्य निर्माण से लेकर नशे के खिलाफ सीख दे सही राह दिखा रहे हैं।
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बोहरा बताते हैं कि उनकी लंबी उम्र का कोई राज नहीं है। जल्दी उठना-जल्दी सोना, सुबह की सैर, समय पर खानपान जैसे सामान्य नियमों का उन्होंने पालन किया। सेवानिवृत्ति के बाद से उन्होंने चंपावत जिले के निर्माण के लिए हुए आंदोलन में बढ़ चढ़ कर भूमिका निभाई। राज्य आंदोलनकारी मंदीप ढेक बताते हैं कि उत्तरांचल राज्य के नाम को उत्तराखंड करने के लिए साढ़े पांच साल तक दाड़ी-बाल न काटने वाले बोहरा शारीरिक कमजोरी के बावजूद युवाओं को खेलने के अलावा रोजगार-स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते रहे हैं। शिक्षण से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों के लिए मार्गदर्शन के साथ युवाओं को सेहतमंद रहने की सीख दे रहे हैं। उनके दोनों बेटे नंदन सिंह और श्याम सिंह भी आरपीएफ से सेवानिवृत्त हैं।



बुजुर्गों के लिए उपयोगी हैं टिप्स
-सात से नौ घंटे की नींद लें
-पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम

- ध्यान करने के अलावा सामाजिक रूप से जुड़ाव
कोट

उम्र बढ़ने के साथ-साथ हड्डियों में दर्द और गठिया आम है। कैल्शियम के सेवन के साथ वृद्धावस्था में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। सालभर में एक बार मधुमेह, रक्त अल्पता, कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप सहित अन्य जांच कराने से शारीरिक व्याधियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
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-डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।

पहले बुजुर्ग आश्रम के लिए 9.60 करोड़ की दरकार

चंपावत। चंपावत जिले में बुजुर्गों के पहले सार्वजनिक भवन की कवायद चल रही है। पांच नाली जमीन विभाग के नाम कर दी गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत का कहना है कि बहुमंजिला पार्किंग स्थल के पास बनने वाले भवन के लिए 9.60 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है। इसमें 50 बुजुर्गों के विश्राम की क्षमता है।



तीन लाख आबादी वाले इस जिले में 60 साल से ज्यादा के 43 हजार से अधिक लोग हैं। इनमें से 15345 बुजुर्ग पेंशन धारी हैं। 1361 लोग किसान पेंशन योजना के लाभार्थी हैं। वैसे बुजर्गों को रोडवेज बस में निशुल्क यात्रा, बैंकों में ब्याज दर में आधा प्रतिशत अधिक राशि, विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अलग काउंटर जैसी कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है। संवाद
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