पाटी (चंपावत)। पाटी पीएचसी 84 ग्राम पंचायत के लोगों के लिए उपचार का एकमात्र सहारा है। अस्पताल के एक्सरे तकनीशियन का 31 मार्च को अनुबंध खत्म हो गया है। इन आठ दिनों में एक्सरे के लिए मरीज 29 किमी दूर लोहाघाट और 45 किमी दूर चंपावत की दौड़ लगा रहे हैं। लोगों को एक्सरे के लिए शुल्क तो देना ही पड़ रहा है, साथ ही उनकी जेब भी ढीली हो रही है। लोहाघाट आने के लिए लोग 150 तो चंपावत आने के लिए 250 रुपये खर्च कर रहे हैं। आने-जाने में एक्सरे के शुल्क से भी अधिक की राशि खर्च हो रही है।
अस्पताल में खनन न्यास निधि से एक्सरे तकनीशियन की तैनाती दिसंबर 2023 में की गई थी। तब से 15 माह में अस्पताल में हड्डी और चेस्ट के लगभग 350 मरीजों की एक्सरे की जांच की गई। इस दौरान मरीजों को बड़ी राहत मिली, लेकिन अब एक्सरे तकनीशियन नहीं होने के चलते अब लोग एक अप्रैल से परेशान हैं। एक्सरे मशीन भी अस्पताल में तब से धूल फांक रही है।
सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि पाटी में एक्सरे कराने के प्रयास किए जाएंगे। जिले में चार ही एक्सरे तकनीशियन के पद स्वीकृत हैं। इसमें दो जिला अस्पताल, एक-एक लोहाघाट और टनकपुर में हैं।
तीन जिलों के लोग आते हैं एक्सरे कराने
पाटी अस्पताल में सोमवार को एक्सरे के लिए पांच मरीजों को एक्सरे तकनीशियन नहीं होने के कारण मायूस जाना पड़ा। उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि यहां एक्सरे जांच नहीं हो रही है। इस अस्पताल में चंपावत के गागर, पटनगांव, खरही, रीठा साहिब, चौड़ाकोट सहित अल्मोड़ा और नैनीताल के गांवों के लोग भी एक्सरे कराने आते हैं।