चंपावत। धौन-बड़ोली सड़क के अजब हाल हैं। यह सड़क मौके पर तो बंद है लेकिन कागजों में खुल गई है। कार्यदायी एजेंसी एनपीसीसी का कहना है कि सड़क 13 अगस्त के बाद अधिकांश समय खुली रही जबकि गांव वालों की मानें तो सड़क 22 जुलाई से बंद है। इस दौरान सिर्फ 13 अगस्त को छह घंटे खुली। सड़क बंद होने से अगस्त का सरकारी सस्ते गल्ले का राशन भी नहीं मिल सका है। सोमवार को एक ग्रामीण जयदत्त थ्वाल ने सड़क खोलने को लेकर दी जा रही गलत जानकारी की शिकायत ज्ञापन भेजकर मुख्यमंत्री से की।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी धौन-बड़ौली की छह किमी सड़क 22 जुलाई से बंद है। इससे ग्रामीणों की आवाजाही से लेकर राशन और अन्य जरूरी सामान को ढोने की दुश्वारी तो बढ़ी ही है। वहीं, बीमार हुए दो ग्रामीणों को डोली के सहारे सड़क तक ले जाना पड़ा। एनपीसीसी के अभियंता अभिषेक यादव का कहना है कि निर्माणाधीन धौन-बड़ौली सड़क कई बार खोली गई लेकिन मलबा आने से फिर बंद हो गई है। सड़क खोलने के लिए मशीन लगाई गई है।
कोट
सड़क खुली नहीं है। अगर सड़क जीप के चलने लायक भी होती तो सरकारी सस्ते गल्ले का राशन गांव तक पहुंच जाता। प्रशासन को गंभीरता से कार्य करते हुए सड़क को खोलना चाहिए। - शिरोमणि थ्वाल, बड़ौली।
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बड़ौली की सड़क एक माह से बंद है। ग्रामीणों को राशन और रोजमर्रा की जरूरत के सामान के अलावा आवाजाही करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - जयदत्त, बड़ौली।
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कार्यदायी एजेंसी को बहानेबाजी छोड़ तुरंत सड़क खोलने के आदेश दिए गए हैं। मंगलवार तक सड़क खोलने के साथ ही अगस्त और सितंबर का खाद्यान्न बड़ौली गांव भेजा जाएगा। - रिंकू बिष्ट, एसडीएम, चंपावत।
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मंजूरी के बावजूद सड़क न बनने से परेशान कलजाख के ग्रामीण
चंपावत। शहर के नजदीक की पल्सों ग्राम पंचायत में कलजाख तोक में सड़क नहीं होने से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह बोहरा ने सोमवार को विधायक के प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पांच किमी लंबी इस सड़क के नहीं बनने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। साथ ही यहां के कृषि उत्पाद को सड़क तक पहुंचाने में काफी खर्च आता है। ज्ञापन में कमल जोशी, धर्मानंद जोशी, दिनेश, नारायण जोशी, यशोधर, सतीश, टीकाराम, चरण दत्त, बलदेव, हेम जोशी, कृष्णानंद आदि के हस्ताक्षर हैं। इधर लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि सड़क के निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है। संवाद
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