मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते को ज्ञापन सौंपते मां पूर्णागिरि धाम के पुजारी।
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टनकपुर (चंपावत)। पुश्तैनी गांव खर्राटाक को आबाद करने के प्रयास में जुटे मां पूर्णागिरि धाम के युवा पुजारी गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर मुखर हो गए हैं। पुजारियों की मांग पर मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने डीएफओ को सड़क व ईको पार्क का निर्माण और खर्राटाक को कार्बेट विलेज के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं।
मां पूर्णागिरि धाम के युवा पुजारियों ने वीरान पड़े अपने पुश्तैनी गांव खर्राटाक को फिर आबाद करने की ठानी है। गांव की बंजर भूमि में अदरक की खेती से उन्होंने इसकी पहल शुरू की है। शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे पुजारी अब गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास के जुटे हैं। उनका कहना है कि निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीवी मार्ग में चूका से खर्राटाक के लिए सड़क का निर्माण कराने के साथ क्षेत्र को प्रसिद्ध शिकारी जिम कार्बेट के नाम से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
मंगलवार को पूर्णागिरि दर्शन को आए मुख्य वन संरक्षक डॉ. धकाते को इस संबंध में उन्होंने ज्ञापन सौंपा है। मुख्य वन संरक्षक डॉ. धकाते ने ज्ञापन में ही डीएफओ को खर्राटाक तक तीन किमी. रोड व ईको पार्क का निर्माण और खर्राटाक को कार्बेट विलेज के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव बनाकर भेजने के लिए निर्देशित किया है। ज्ञापन देने वालों में नेत्र बल्लभ तिवारी, भुवन चंद्र तिवारी, विपिन तिवारी, प्रदीप तिवारी आदि शामिल थे।